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सीएम मोहन यादव ने किया महाकाल महोत्सव का शुभारंभ, 100 एपिसोड के धारावाहिक का टीजर लॉन्च

Ujjain News: उज्जैन में आयोजित महाकाल महोत्सव का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधिवत शुभारंभ किया। बाबा महाकाल के दर्शन के साथ शुरू हुए इस आयोजन में मुख्यमंत्री ने महाकाल सृष्टि और वैदिक परंपरा पर आधारित 100 एपिसोड के भव्य धारावाहिक का टीजर भी लॉन्च किया। इस धारावाहिक के जरिए बाबा महाकाल की महिमा, वैदिक ज्ञान और कालचक्र की वैज्ञानिक व्याख्या को देश-दुनिया तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

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कार्यक्रम के दौरान संबोधन देते मुख्यमंत्री मोहन यादव (चित्र साभार: @DrMohanYadav51/X)

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Ujjain News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन किए और इसके साथ ही महाकाल महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। यह आयोजन आध्यात्म, संस्कृति और वैदिक चेतना के संगम के रूप में देखा जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महाकाल सृष्टि के समय, वैदिक परंपरा और कालगणना पर आधारित 100 एपिसोड के एक भव्य धारावाहिक का टीजर लॉन्च किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह धारावाहिक बाबा महाकाल की महिमा और भारतीय वैदिक परंपरा को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा।

भारतीय संस्कृति और वैदिक ज्ञान को मिलेगा वैश्विक मंच

सीएम मोहन यादव ने कहा कि धारावाहिक के माध्यम से भारतीय संस्कृति, वैदिक ज्ञान और कालचक्र की वैज्ञानिक व्याख्या को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा। यह प्रयास भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक संदर्भों में समझाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

"वैदिक परंपरा की पुनर्पहचान की जरूरत"

कार्यक्रम में मौजूद वीर भारत न्यास के सचिव राम तिवारी ने कहा कि वैदिक परंपरा और कालगणना की पुनर्पहचान के लिए एक लंबी और सतत यात्रा की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में कई विद्वान इस दिशा में शांतिपूर्वक और गंभीर शोध कार्य कर रहे हैं। बीते वर्षों में वैदिक घड़ी और भारतीय ज्ञान-विज्ञान की अध्ययन पद्धति को लेकर जो अविश्वास पैदा हुआ, उसे दूर करने का समय आ गया है। यह धारावाहिक वैदिक अध्ययन पद्धति को समझने और समाज में आत्मविश्वास पैदा करने का प्रयास करेगा।

महाकाल महोत्सव के माध्यम से उज्जैन एक बार फिर आध्यात्म, संस्कृति और वैदिक चेतना के वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी पहचान को और मजबूत करता नजर आ रहा है।

Makarand Kale
मकरंद कालेauthor

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist हूं। कहते हैं ना कि अच्छे काम में पहले बहुत परेशानियां आती हैं। और बाद में उसी की आदत पड़ जाती है।

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