उत्तरकाशी: उत्तराखंड में भीषण गर्मी के बीच आफत की बारिश ने तबाह कर दिया। जी, हां बुधवार की शाम पौड़ी और उत्तरकाशी जिलों में बादल फट गए, जिससे कई एकड़ कृषि भूमि पानी में बह गई। इतना ही नहीं, कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए और दो मवेशियों की मौत हो गई। इसके अलावा कोटद्वार-बैजरो मोटर मार्ग का करीब 30 मीटर हिस्सा बह गया और कई वाहन मलबे में दब गए। इस दौरान लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर अपनी जान बचाई। फिलहाल, प्रशासन ने राहत बचाव कार्य कर लोगों को राहत दी है।
दरअसल, बुधवार शाम करीब पांच बजे बीरोंखाल प्रखंड स्थित बैजरो और आसपास के क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश शुरु हुई। इसी दौरन कुणजोली गांव के पास बादल फट गया। बादल फटते ही बरसाती गदेरे उफान पर आ गए। हालात बिगड़ता देख ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। पानी के साथ बहकर मलबे की चपेट में आने से कुणजोली गांव के भगत सिंह का मकान ध्वस्त हो गया। इसके अलावा आसपास की कुछ दुकानों को भी नुकसान हुआ और कई घरों में पानी भर गया।
उधर, कुणजोली गांव के समीप कोटद्वार-बैजरो मार्ग का करीब 30 मीटर हिस्सा पानी की तेज धारा में बह गया और कई जगह मलबा आने से सड़क बंद हो गई। इसके अलावा फरसाड़ी के खेल मैदान भी मलबे से भर गए। उधर, मूसलाधार बारिश से कुणजोली, फरसाड़ी, सुकई, जिवई, गुडियालखेत और सतघरिया गांव के किसानों की कृषि भूमि में तेज कटान होने से भारी नुकसान हुआ है।
राहत बचाव कार्य जारी
बादल फटने की सूचना पर डीएम समेत जिला आपदा राहत बचाव कार्य की टीमें मौके पर पहुंची। उन्होंने, प्रभावित गांवों को प्राथमिक विद्यालय में ठहरने और भोजन-पानी की समुचित व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। उन्होंने, नुकसान के आंकलन के लिए लोनिवि, जल संस्थान, ऊर्जा निगम के अधिकारियों को मौका मुआयना करने के लिए भेजा गया। साथ ही चिकित्सकों की टीम को भी सहायता के लिए भेजा गया।
उत्तरकाशी में भारी तबाही
उधर, उत्तरकाशी में चिन्यालीसौड तहसील से दूर गढ़वालगाड गांव में देर शाम भारी बारिश शुरू हुई। इस दौरान बौणी नामे तोक में बादल फटने से पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गांव के बीच पहुंच गए। इससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी का माहौल हो गया। इसी दौरान ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। करीब 1 घंटे बाद जब बारिश बंद हुई तो एक गौशाला मलबे में तब्दील हो गई थी, जिसके नीचे दबने से एक भैंस और बैल ने दम तोड़ दिया। इसके अलावा पूर्व प्रधान सूरत सिंह का मकान और चतुर सिंह नेगी की किराने की दुकान पूरी तरह मलबे में दब गई। इसके अलावा पहाड़ी से बहकर भारी मात्रा में आया मलबा कई घरों में पहुंच गया और गांव का मुख्य मार्ग पूरी तरह ध्वस्त हो गया।
मंत्री ने दिए राहत के निर्देश
तबाही की खबर पाते ही कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने प्रशासन से प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत पहुंचाने और संचाल सेवा बहाल करने के निर्देश दिए हैं। उधर, चार धाम यात्रा भी जारी है, लेकिन इस आपदा का उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
पहाड़ी क्षेत्र में बारिश और ओलावृष्टि
गौर करने वाली बात ये है कि उत्तराखंड का मौसम पूरी तरह बदल चुका है। फिलहाल, मैदानी हिस्सों में बादल मंडरा रहे हैं, जबकि पहाड़ी क्षेत्र में बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम विभाग ने प्रदेश में 23 मई यानी आज आंधी-तूफान और भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि, प्रदेश के कुछ जिलों में मौसम शुष्क रहेगा तो कहीं आंधी-तूफान की तस्वीर देखने को मिलेगी। इस दौरान कहीं-कहीं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे के हिसाब से हवाएं बहेंगी और साथ में आकाशीय बिजली कड़कने की आवाजें भी सुनाई देंगी। खैर, उधम सिंह नगर और हरिद्वार में मौसम साफ रहेगा।
यहां रहेगा ऐसा मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक, आज उत्तरकाशी, चामोली, रूद्रप्रयाग, टिहरी, देहरादून, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा और नैनीताल में मौसम बदला नजर आएगा और साथ में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। वहीं, राज्य के पहाड़ी हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
इतना रहा तापमान
अचानक मौसम में परिवर्तन से देहरादून में बुधवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, टिहरी का अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम 16 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, हल्द्वानी का अधिकतम 37 और न्यूनतम 27 डिग्री, मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम 15 डिग्री, इसके अलावा अल्मोड़ा में अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
