Bharat Tiwari Encounter: बिहार में हाल ही में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर अब केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान (Chirag Paswan) का बड़ा बयान सामने आया है। पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए चिराग पासवान ने दो टूक शब्दों में कहा कि देश और राज्य में कानून से ऊपर कोई नहीं है।
अगर एनकाउंटर के नाम पर किसी निर्दोष व्यक्ति को निशाना बनाया गया है या अधिकारियों द्वारा वर्दी का दुरुपयोग हुआ है, तो सरकार इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी, चाहे आरोपी कितना भी बड़ा अधिकारी क्यों न हो।
जांच में दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई-चिराग पासवान
इस मामले में सस्पेंड किए गए डीएसपी को मद्य निषेध विभाग में दोबारा नई जिम्मेदारी दिए जाने के सवाल पर चिराग पासवान ने थोड़ा संयम बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अभी पूरे मामले की जांच चल रही है, इसलिए जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए।
हालांकि, उन्होंने यह भरोसा जरूर दिलाया कि अगर जांच में कोई भी दोषी पाया जाता है, तो उस पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जब उनसे पूछा गया कि क्या आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने के बाद भी गोली चलाई गई, तो चिराग ने इसे बेहद गंभीर विषय बताते हुए गहन जांच की मांग की।
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तेजस्वी के आरोपों को बताया गलत
चिराग पासवान ने जानकारी दी कि उनकी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पहले ही पीड़ित परिवार से मुलाकात कर चुका है और जमीनी हकीकत की पूरी रिपोर्ट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक पहुंचा दी गई है। वे खुद भी जल्द ही पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर जाएंगे।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा इस एनकाउंटर को मुख्यमंत्री के इशारे पर की गई हत्या बताने के आरोप पर चिराग ने कड़ी आपत्ति जताई।उन्होंने कहा कि बिना किसी जांच या सबूत के मुख्यमंत्री जैसी संवैधानिक गद्दी पर बैठे व्यक्ति पर ऐसे राजनीतिक आरोप लगाना बिल्कुल भी ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री ने खुद इस मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं।
मनरेगा के भ्रष्टाचार और 'जी राम जी योजना' पर भी बोले
एनकाउंटर विवाद के अलावा चिराग पासवान ने बिहार सरकार की नई 'जी राम जी योजना' पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह योजना काफी सोच-समझकर बनाई गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य गरीब मजदूरों को पूरी पारदर्शिता और सम्मान के साथ काम देना है। उन्होंने पूर्ववर्ती मनरेगा व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि उसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और बिचौलियों की शिकायतें आती थीं। नई व्यवस्था से लीकेज रुकेगा और सीधा लाभ असली हकदार तक पहुंचेगा।
अंत में, राबड़ी देवी द्वारा सरकारी आवास खाली किए जाने को उन्होंने एक अच्छी लोकतांत्रिक परंपरा बताया और तेजस्वी यादव की सुरक्षा कम होने के सवाल पर कहा कि सुरक्षा कोई स्थायी विशेषाधिकार नहीं है, बल्कि यह समय-समय पर खतरे के आकलन के आधार पर तय होती है।
