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MP में कितने मतदाता, 42 लाख वोटर्स के कटे नाम? SIR रिपोर्ट में साफ हो गई तस्वीर

मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन कार्यालय के आधिकारिक सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि शुरुआती आकलन 5,74,06,143 मतदाताओं में से 5,31,31,983 मतदाताओं ने गणना पत्रक प्रस्तुत किए।

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वोटर लिस्ट (फोटो-istock)

भोपाल : भारतीय चुनाव आयोग मंगलवार को मध्य प्रदेश में डेढ़ महीने से ज्यादा चले विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के वोटरों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी किया है। इस बीच मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन कार्यालय के आधिकारिक सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि शुरुआती आकलन 5,74,06,143 मतदाताओं में से 5,31,31,983 मतदाताओं ने गणना पत्रक प्रस्तुत किए। प्रदेश में 42 लाख 74 हजार 160 वोटर्स के नाम मतदाता सूची से कटे हैं। वहीं, शिफ्टेड और अब्सेंट 31.51 लाख मतदाता यानी 5.49% हैं। जिन वोटर्स की मृत्यु हो चुकी है, उनकी संख्या 8.46 लाख यानी 1.47% प्रतिशत है। एक से अधिक जगह इनरोल्ड मतदाता 2.77 लाख यानी 0.48% पाए गए।

अधिकारी ने बताया कि दावे आपत्ति की प्रक्रिया 22 जनवरी 2026 तक चलेगी और फिर जांच का क्रम चलेगा। वहीं, 21 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी। नो मैपिंग वाले मतदाता वाले जिले,जिन्हें नोटिस दिए जाएंगे

  • 133696 इंदौर
  • 116925 भोपाल
  • 69394 जबलपुर

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, शुरुआती डेटा से पता चलता है कि 41.8 लाख नामों में से, 8.4 लाख वोटर मृत पाए गए, 8.4 लाख अनुपस्थित पाए गए, 22.5 लाख दूसरी जगहों पर चले गए थे और 2.5 लाख कई पतों पर रजिस्टर्ड थे। भोपाल में, जहां 21.25 लाख रजिस्टर्ड वोटर हैं, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में लगभग 4.3 लाख नाम 20.23 प्रतिशत हटाए जा सकते हैं।

अंतिम वोटर लिस्ट के प्रकाशित होने का इंतजार

जबकि इंदौर में, 28.67 लाख वोटरों में से 4.4 लाख नाम हटाए गए, ग्वालियर में 16.49 लाख वोटरों में से 2.5 लाख नाम हटाए जा सकते हैं और जबलपुर में 19.25 लाख में से 2.4 लाख नाम हटाए जा सकते हैं। अधिकारी ने बताया कि ये सभी संख्याएं सिर्फ एक आकलन हैं और हटाए गए वोटरों की सही संख्या मंगलवार को भारतीय चुनाव आयोग द्वारा अंतिम वोटर लिस्ट प्रकाशित होने के बाद ही पता चलेगी।

65,000 से ज्यादा बूथ लेवल अधिकारियों को 4 नवंबर से वोटरों के वेरिफिकेशन के लिए घर-घर जाकर दौरा करने का काम सौंपा गया था, जबकि 2023 में मध्य प्रदेश में 6.65 करोड़ से ज्यादा वोटर रजिस्टर्ड हुए थे। मध्य प्रदेश में कुल 230 विधानसभा सीटें और 29 लोकसभा क्षेत्र हैं, जो 55 जिलों में फैले हुए हैं, जिन्हें भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, चंबल, नर्मदापुरम, रीवा, सागर, शहडोल और उज्जैन जैसे 10 डिवीजनों में बांटा गया है।

4 नवंबर से, जब राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण का काम शुरू हुआ, तब से 65,000 से ज्यादा बूथ-लेवल अधिकारियों ने शहरों, कस्बों और गांवों में घरों का दौरा करके वोटर डिटेल्स वेरिफाई किए।

खास बात यह है कि पूरे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान, मध्य प्रदेश में मुख्य विपक्षी कांग्रेस चुनाव आयोग के कदमों का विरोध करती रही और राजनीतिक आरोप लगाकर उसकी आलोचना करती रही। राज्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल भोपाल में मुख्य चुनाव अधिकारी से मिला और एसआईआर अभ्यास में अनियमितताओं का आरोप लगाया।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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