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अगले कुछ घंटे में खुल जाएंगे केदारनाथ धाम के कपाट, 170 दिन बाबा भक्तों को देंगे दर्शन; देखें मंदिर से स्पेशल रिपोर्ट

Char Dham Yatra Opening Date 2026 : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग स्थित केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये जाएंगे। ये कपाट 11 नवंबर तक भक्तों के लिए खुले रहेंगे। आइये जानतें हैं वहां कैसे इंतजाम किए गए हैं?

Char Dham Yatra Opening Date 2026 : भारत की सबसे पवित्र और प्रसिद्ध तीर्थयात्राओं में से एक चारधाम यात्रा का 2026 सीजन शुरू हो गया है। छह महीने की शीतकालीन बंदी के बाद अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोल दिए गए हैं। वैदिक मंत्रोच्चार, ढोल-नगाड़ों की गूंज और भक्तिमय माहौल के बीच जैसे ही मंदिरों के द्वार खुले, पूरा वातावरण आस्था और भक्ति से भर गया। इसी के साथ, लाखों श्रद्धालुओं की प्रतीक्षित यात्रा की आधिकारिक शुरुआत हो गई।

चारधाम यात्रा को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और मोक्षदायी माना जाता है। यह यात्रा हिमालय की ऊंचाइयों में बसे चार प्रमुख धामों यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ से होकर गुजरती है। मान्यता है कि इस यात्रा से व्यक्ति को आत्मिक शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। परंपरा के अनुसार यात्रा की शुरुआत यमुनोत्री से होती है, फिर गंगोत्री, उसके बाद केदारनाथ और अंत में बद्रीनाथ के दर्शन किए जाते हैं।

कब तक खुले रहें चार धाम के कपाट?

2026 के लिए यात्रा का कार्यक्रम भी तय कर दिया गया है। यमुनोत्री धाम 19 अप्रैल से 11 नवंबर तक खुला रहेगा, वहीं गंगोत्री धाम 19 अप्रैल से 10 नवंबर तक श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध रहेगा। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खोले जाएंगे और 11 नवंबर तक खुले रहेंगे। इसके बाद बद्रीनाथ धाम 23 अप्रैल से 13 नवंबर तक भक्तों के लिए दर्शन हेतु खुला रहेगा।

श्रद्धालुओं में इस बार भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में लोग इन पवित्र धामों की ओर रुख कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस बार यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में यात्री शामिल हो सकते हैं।

मुख्य बिंदु

  • कपाट खुलने की तिथि - 22 अप्रैल 2026
  • कपाट खुलने का समय : सुबह 8:00 बजे
  • दैनिक पूजा का समय : सुबह 4:00 बजे से 9:00 बजे तक (सामान्य दर्शन)

प्रशासन की ओर से भी यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। यात्रा मार्गों पर साफ-सफाई, पार्किंग और ठहरने की सुविधाओं को बेहतर किया गया है। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल टीमों की भी तैनाती की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके।

इसके अलावा पुलिस और SDRF की टीमें लगातार निगरानी में रहेंगी। पहाड़ी इलाकों में मौसम और भूस्खलन जैसी संभावित आपदाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष आपदा प्रबंधन योजना तैयार की गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर और कंट्रोल रूम भी सक्रिय कर दिए गए हैं। यात्रा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया पहले से ही शुरू कर दी गई है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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