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चारधाम यात्रा पर यात्रियों का रेला, रजिस्ट्रेशन बंद; अव्यवस्था के बाद प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

चारधाम यात्रा के लिए 10 मई से धामों के कपाट खोल दिए गए हैं। भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन को पहुंच रहे हैं। लेकिन, प्रशासन की अधूरी तैयारियां यात्रियों के लिए मुसीबत बन गई हैं। वहीं अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन बंद होने के बाद ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन को भी दो दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। ऐसे में यात्रा पर जाने से पहले इन जरूरी बातों का ध्यान रखकर अपनी तैयारियां जरूर पूरी कर लें-

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चारधाम यात्रा 2024

Chardham Yatra 2024: चारधाम यात्रा के लिए 10 मई को धामों के द्वार खोले दिए गए हैं। भारी संख्या में श्रद्धालु यात्रा के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन, इन यात्रियों के लिए गए प्रशासन की व्यवस्था ठप गई हो गई है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन मई माह के लिए बंद कर दिए गए हैं, जो अब अगले महीने ही खोले जाएंगे। वहीं ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के लिए भक्तों को मुसीबत झेलनी पड़ रही है। तो दूसरी ओर यात्रा के लिए आए श्रद्धालुओं को जाम से लेकर खाने-पीने और ठहरने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उत्तरकाशी में चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले की गई प्रशासन की अधूरी तैयारियां तीर्थ यात्रियों के लिए मुसीबत बन गई हैं।

हालांकि, हरिद्वार और ऋषिकेश में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई है। लेकिन, इसके लिए लोगों को लंबी कतारों में घंटों जूझना पड़ता है। अब उसे भी 15 और 16 मई तक के लिए बंद कर दिए गए हैं। आपको बता दें कि 14 मई तक 67,965 श्रद्धालुओं का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। अभी भी भारी संख्या में यात्री दर्शन के लिए पहुंच तो रहे हैं। ऐसे में पर्यटन या तीर्थाटन के लिए यदि आप उत्तराखंड आ रहे हैं, तो पूरी तैयारी के साथ आएं। चारधाम यात्रा में वाहनों के दबाव के चलते कुछ जगहों पर ट्रैफिक जाम और अचानक बारिश से रास्ते बंद होने की आशंका बनी रहती है। बहुत ऊंचाई वाले जगहों पर मौसम ठंडा रहता है। इन स्थितियों को देखते हुए सुविधा के लिए एडवाइजरी जारी की गई है।

  • उत्तराखंड आने वाले पर्यटक पूरी तैयारी के साथ आएं ये आ सकती हैं दिक्कतें।
  • ऑनलाइन पंजीकरण न होने पर ऑफलाइन पंजीकरण के लिए कतार में जूझना पड़ेगा।
  • पंजीकरण न होने पर होटल समेत टैक्सी, हेली बुकिंग को करवाना पड़ सकता है निरस्त।
  • होटल की बुकिंग न होने पर ठंड में खुले आसमान के नीचे बितानी पड़ सकती है रात
  • चलते समय अपने साथ खाने और पानी का इंतजाम रखें
  • स्वास्थ्य सही नहीं होने के बावजूद यात्रा करने पर अधिक ऊंचाई में बिगड़ सकती है सेहत।
  • निजी वाहन से यात्रा करने पर पार्किंग की समस्या का करना पड़ सकता है सामना।

इन बातों का रखें ख्याल

  • यात्रा से पहले पंजीकरण जरूर कराएं।
  • पंजीकरण में सही मोबाइल नंबर दर्ज कराएं।
  • धामों में दर्शन को टोकन जरूर प्राप्त करें।
  • अपने साथ गरम कपड़े, छतरी, रेनकोट साथ लेकर आएं।
  • रास्ता बंद होने की स्थिति में अपने साथ चने, बिस्कुट, ड्राई फ्रूट, पानी साथ रखें।
  • कोई दवाई लेते हैं, तो अपने साथ पर्याप्त मात्रा में दवा का स्टॉक रखें।
  • अलग-अलग पड़ावों पर आराम करते हुए आगे बढ़े, ताकि जलवायु के हिसाब से अनुकूल हो सकें।

ट्रैकिंग पर जानें जाने वाले ध्यान दें

  • ट्रैकिंग के दौरान बीच-बीच में पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना चाहिए।
  • मूंगफली, नमकीन, चॉकलेट, बिस्किट, ड्राईफ्रूट रखने चाहिए, प्राथमिक चिकित्सा किट और नेविगेशन उपकरण, चश्मे का उपयोग जरूर करना चाहिए।
  • चढ़ाई में चढ़ते और उतरते समय हमेशा पहाड़ी की ओर होकर चलना चाहिए।
  • ट्रैकर को एक ही चाल से चलना चाहिए, ट्रैकिंग रूट पर जो रास्ते बने हुए हैं, उन्हीं से होकर चलना चाहिए। नए रास्ते पर चलने से भटकने का खतरा रहता है।
Maahi Yashodhar
Maahi Yashodharauthor

माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

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