चण्डीगढ़

STF हरियाणा–सोनीपत यूनिट की बड़ी सफलताराजस्थान और दिल्ली में दो हत्याओं की साजिश नाकाम: STF हरियाणा ने गोदारा गैंग के सात शूटरों को दबोचा

हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फ़ोर्स (STF) सोनीपत यूनिट ने संगठित अपराध पर कड़ा प्रहार करते हुए कुख्यात रोहित गोदारा/नवीन बाक्सर गैंग के सात सक्रिय सदस्यों को 30 नवंबर से 1 दिसंबर 2025 की रात संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया। ये आरोपी राजस्थान और दिल्ली में दो अलग-अलग हत्याओं की साजिश रच रहे थे, जिन्हें STF ने समय रहते नाकाम कर दिया

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हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) सोनीपत यूनिट ने संगठित अपराध पर कड़ा प्रहार किया।(फोटो सोर्स: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल)

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) सोनीपत यूनिट ने संगठित अपराध पर कड़ा प्रहार करते हुए कुख्यात रोहित गोदारा/नवीन बाक्सर गैंग के सात सक्रिय सदस्यों को 30 नवंबर से 1 दिसंबर 2025 की रात संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया। ये आरोपी राजस्थान और दिल्ली में दो अलग-अलग हत्याओं की साजिश रच रहे थे, जिन्हें STF ने समय रहते नाकाम कर दिया। यह इस कार्रवाई की सबसे बड़ी सफलता है। यह उपलब्धि उत्तर भारत के सबसे सक्रिय क्रिमिनल नेटवर्क में से एक के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।

रोहित गोदारा गैंग–विदेश में बैठकर संचालित खतरनाक नेटवर्क

गैंगस्टर रोहित गोदारा राजस्थान का रहने वाला है, जो भारत से फरार होकर विदेश में बैठा है और वहीं से हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान में संगठित अपराध को नियंत्रित कर रहा है। उसके साथ नवीन बाक्सर, महेन्द्र साहरण, विरेन्द्र चारण, राहुल रिनाऊ और मनोज दिग्गू जैसे अपराधी जुड़े हुए हैं, जो फर्जी पासपोर्ट पर विदेश में रहकर फिरौती, फायरिंग, सुपारी किलिंग, धमकी तथा हत्या जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। यह गैंग सोशल मीडिया के ज़रिए युवाओं को अपराध की तरफ उकसाता है और विदेश भेजने के लालच में नए युवाओं को अपने अपराध चक्र में फंसा लेता है। भिवानी कोर्ट परिसर में लवजीत की हत्या और दादरी में अस्पताल संचालकों को धमकी इसी गैंग द्वारा दी गई थी।

STF सोनीपत की खुफिया-आधारित और योजनाबद्ध कार्रवाई

STF सोनीपत यूनिट लंबे समय से इस गैंग की गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए थी। गहन खुफिया कार्यवाही के बाद टीम ने बीती रात सात अपराधियों को अवैध हथियारों सहित धर दबोचा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये युवक गैंग के लिए हथियार सप्लाई, टारगेट की रेकी, पैसों की व्यवस्था, फायरिंग की तैयारी और संवेदनशील घटनाओं की प्लानिंग जैसे काम कर रहे थे। इन्हीं तैयारियों के दौरान STF ने राजस्थान और दिल्ली में होने वाली दो हत्याओं की योजनाओं का खुलासा कर उन्हें विफल कर दिया। इन अधिकांश आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी है। सभी को आज माननीय अदालत में पेश किया जाएगा और आवश्यकतानुसार पुलिस रिमांड लेकर गैंग की आगे की साजिशों को उजागर किया जाएगा।

गिरफ्तार अपराधी व बरामद हथियार

रोहित उर्फ कटवालिया से .30 बोर पिस्तौल, 36 जिंदा राउंड, एक मैगजीन और मोबाइल फोन बरामद हुए।

मोहम्मद साजिद से PX5 .30 बोर पिस्तौल, 25 जिंदा राउंड और दो मोबाइल फोन मिले।

मानव कुमार के पास से ZIGANA 9MM पिस्तौल, 25 राउंड और मोबाइल फोन बरामद हुआ।

विकास पाल से INDIAN 9MM पिस्तौल, 24 राउंड, एक एक्स्ट्रा मैगजीन और मोबाइल फोन मिला।

हैप्पी सिंह के पास PX3 .30 बोर पिस्तौल, 36 जिंदा राउंड, एक एक्स्ट्रा मैगजीन और मोबाइल फोन मिला।

जबरजंग सिंह से STAR .30 बोर पिस्तौल और 25 जिंदा राउंड बरामद किए गए।

विजय कुमार से INDIAN 9MM पिस्तौल, 26 राउंड, एक एक्स्ट्रा मैगजीन और दो मोबाइल फोन बरामद हुए।

कुल बरामदगी – हथियार, मैगजीन और मोबाइल फोन

कार्रवाई में कुल सात पिस्टल बरामद की गईं, जिनमें पाँच फैक्ट्री-मेड विदेशी पिस्टल और दो देसी कंट्री-मेड पिस्टल शामिल थीं। कुल 197 जिंदा राउंड (.30 बोर – 122 और 9MM – 75), कुल चार एक्स्ट्रा मैगजीन और आठ मोबाइल फोन बरामद किए गए।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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