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ऑनलाइन फ्रॉड में बैंक की गलती से डूबे पैसे? RBI के नियम के तहत कब मिलेगा पूरा रिफंड

ऑनलाइन फ्रॉड में बैंक खाते से पैसे निकल जाएं, तो हर बार नुकसान ग्राहक को ही नहीं उठाना पड़ता। अगर धोखाधड़ी बैंक की लापरवाही या सुरक्षा में कमी के कारण हुई है, तो RBI के नियमों के तहत आपको राहत मिल सकती है।

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RBI के नियम के तहत कब मिलेगा पूरा रिफंड

अगर आपके बैंक खाते से बिना अनुमति पैसे निकल गए हैं और इसकी वजह बैंक की लापरवाही है, तो RBI के नियमों के तहत आपको पूरा पैसा वापस मिलने का अधिकार हो सकता है। बैंक की लापरवाही में जरूरी सुरक्षा व्यवस्था की कमी, संदिग्ध ट्रांजैक्शन पर कार्रवाई न करना या सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन न करना शामिल हो सकता है। ऐसे मामलों में ग्राहक की जिम्मेदारी शून्य हो सकती है, भले ही फ्रॉड की सूचना देने में देरी हुई हो। हालांकि, बैंक की गलती साबित होना जरूरी है।

कब ग्राहक को उठाना पड़ सकता है नुकसान?

अगर ग्राहक खुद अपना OTP, PIN या पासवर्ड किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा करता है, तो मौजूदा नियमों के तहत रिपोर्ट करने तक हुए नुकसान की जिम्मेदारी ग्राहक पर आ सकती है। लेकिन अगर फ्रॉड बैंक या ग्राहक के अलावा किसी तीसरे पक्ष की सुरक्षा में कमी के कारण हुआ है, तो बैंक से सूचना मिलने के तीन कार्यदिवस के भीतर शिकायत करने पर ग्राहक को शून्य जिम्मेदारी का लाभ मिल सकता है। देरी होने पर नियमों के अनुसार ग्राहक की जिम्मेदारी सीमित हो सकती है या बैंक की नीति लागू हो सकती है।

1 जनवरी 2027 से बदलेंगे नियम

RBI के नए निर्देश 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे। इनके तहत बैंक को यह साबित करना होगा कि धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन के लिए ग्राहक जिम्मेदार है। नए नियमों में तीसरे पक्ष की सुरक्षा में कमी से जुड़े मामलों में रिपोर्ट करने की समय-सीमा पांच कैलेंडर दिन की होगी। घरेलू मामलों में शिकायत का निपटारा 45 दिनों और सीमा पार के मामलों में 60 दिनों के भीतर करने का प्रावधान है।

नए नियमों में छोटी रकम के फ्रॉड के लिए भी मुआवजे का प्रावधान है। पात्र व्यक्तिगत ग्राहकों को ₹50,000 तक के नुकसान वाले मामलों में, शर्तें पूरी होने पर, वास्तविक शुद्ध नुकसान का 85% या अधिकतम ₹25,000 इनमें से जो कम हो मिल सकता है। यह सुविधा जीवन में एक बार उपलब्ध होगी और इसके लिए बैंक तथा साइबर क्राइम पोर्टल या हेल्पलाइन पर पांच कैलेंडर दिन के भीतर शिकायत करना जरूरी होगा। यह मुआवजा हर मामले में पूरे नुकसान की भरपाई नहीं करता।

फ्रॉड होने पर तुरंत क्या करें?

अगर खाते से अनधिकृत ट्रांजैक्शन हो जाए, तो तुरंत बैंक के आधिकारिक ऐप, हेल्पलाइन या शाखा में शिकायत करें और शिकायत नंबर संभालकर रखें। साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और पर रिपोर्ट दर्ज करें। कार्ड, UPI या नेट बैंकिंग की सुरक्षा भी सुनिश्चित करें और मैसेज, बैंक स्टेटमेंट व अन्य सबूत सुरक्षित रखें। जल्दी शिकायत करने से पैसे रोकने या वापस पाने की संभावना बेहतर हो सकती है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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