चण्डीगढ़

पंजाब में नहीं मिलेगी शराब! इस दिन बंद रहेंगी 'जाम' की दुकान, जानें क्या है वजह

Punjab Lok sabha Election 2024 : पंजाब में लोकसभा चुनाव की वोटिंग के मद्देनजर 30 मई की शाम से 1 जून की शाम तक और परिणाम वाले दिन यानी 4 जून को राज्य में शराब की दुकानें बंद रहेंगी।

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पंजाब में बंद रहेंगी शराब की दुकानें

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Punjab Lok sabha Election 2024 : लोकसभा चुनाव 2024 के आखिरी और सातवें चरण के लिए 1 जून को वोटिंग होनी है। इसमें पंजाब की भी सीटें शामिल हैं। लिहाजा, पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी ने कहा है कि शनिवार को वोटिंग वाले दिन वोट डालने के लिए पंजाब में विशेष छुट्टी देने का ऐलान किया गया है। इसके साथ ही 30 मई की शाम से एक जून वोटिंग वाले दिन और परिणाम वाले दिन यानी 4 जून को ड्राई डे घोषित किया गया है।

ये संस्थान रहेंगे बंद

सिबिन सी ने बताया कि पंजाब राज्य के सरकारी दफ्तरों, बोर्डों, कॉर्पोरेशन, शैक्षिणिक संस्थानों के लिए तारीख 01 जून 2024 (शनिवार) को सरकारी छुट्टी रहेगी। आगे बताया कि पंजाब के किसी भी औद्योगिक संस्थान, कारोबार, व्यापार या किसी भी अन्य संस्थान में काम करने वाले वोटरों को भी वोट डालने के लिए अदायगी योग्य छुट्टी (वेतन रहित) घोषित की गई है। इससे संबंधित नोटिफिकेशन पंजाब सरकार की ओर से पहले ही जारी किया जा चुका है।

ड्राई डे घोषित

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आगे बताया कि 1 जून को वोटिंग के मद्देनज़र 30 मई 2024 (गुरूवार) को शाम पांच बजे से 01 जून 2024 (शनिवार) को शाम 7 बजे तक ड्राई डे रहेगा। इसके इलावा नतीजों वाले दिन 04 जून 2024 (मंगलवार) को भी राज्य में ड्राई डे घोषित किया गया है।

सिबिन सी ने कहा कि 1 जून को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोटे पड़ेंगे। उन्होंने आगे वोटरों को बढ़ चढ़ कर अपने वोट के अधिकार का प्रयोग करके लोकतंत्र के इस सबसे बड़े त्योहार में अपना योगदान डालने की अपील की।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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