चण्डीगढ़

करनाल में राइस मिल की तीन मंजिला इमारत ढही, चार मजदूरों की मौत

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 18, 2023, 10:32 AM IST

यह हादसा मंगलवार तड़के हुआ। बताया जा रहा है कि जिस समय इमारत ढही, मिल के अंदर कई मजदूर सो रहे थे। हादसे में चार मजदूरों को मौत हो गई है। मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

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करनाल में तीन मंजिला इमरात ढही (स्क्रीनग्रैब)

Photo : ANI

Haryana News: हरियाणा के करनाल में बड़ा हादसा हो गया। यहां के तरावड़ी में मंगलवार तड़के राइस मिल की एक तीन मंजिला इमारत जोरदार आवाज के साथ ढह गई। जिस समय यह हादसा हुआ इमारत के अंदर कई मजदूर सो रहे थे।

जानकारी के मुताबिक, हादसे की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिसबल मौके पर पहुंच गया है। वहीं फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को भी बुलाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कितने लोग मलबे के नीचे दबे हैं।

चार की मौत, 20 से ज्यादा घायल

करनाल एसपी शशांक कुमार ने बताया, इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई और 20 लोग घायल हो गए। उन्होंने बताया, हमने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। मौके पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी बुलाया गया है। बताया, हमने मजदूरों की सूची को क्रॉस चेक किया है, कोई लापता नहीं है।

करीब 150 मजदूर थे अंदर

करनाल डीसी अनीश यादव ने बताया, जिस समय यह घटना हुई। करीब 150 कर्मचारी अंदर थे। इसमें चार की मौत हुई है तो 20 घायल हुए हैं। उन्होंने बताया, घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रथम दृष्टया इमारत में कुछ खामियां थीं। घटना की जांच के लिए कमेटी बनेगी। उन्होंने बताया, राइस मिल मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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