पंजाबियों की आस्था और गुरुओं से जुड़ी श्रद्धा को केंद्र सरकार जानबूझकर सियासी नजर से देख रही है। भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच को हरी झंडी दी जाती है, मगर वही सरकार श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर और श्री ननकाना साहिब के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की राह रोक देती है। पंजाब सीएम भगवंत मान ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार के इस फैसले पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और कहा है कि अगर क्रिकेट हो सकता है तो दर्शन क्यों नहीं? उन्होंने साफ कहा कि यह भावना का सवाल है और सरकारें भावना से नहीं लड़ सकतीं। जब पंजाब बाढ़ से जूझ रहा था, तब केंद्र सरकार ने सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मान सरकार ने खुद मैदान में उतरकर राहत कार्यों को अंजाम दिया। 2300 गांवों में सफाई और मेडिकल टीम भेजी गई। बाढ़ उतरने के बाद हर गली में मान सरकार की मौजूदगी ने दिखा दिया कि कौन वाकई जनता के साथ खड़ा है।
सीएम मान ने आगे कहा कि अफगानिस्तान में संकट आते ही मदद भेजी जाती है, लेकिन पंजाब को राहत के नाम पर सिर्फ आश्वासन। ₹1600 करोड़ की घोषणा की गई, मगर आज तक ₹1 भी पंजाब को नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने साफ कहा, यह दुश्मनी किस बात की है? क्या इसलिए कि पंजाब सरकार आपके इशारे पर नहीं चलती? सुनील जाखड़ और रवनीत बिट्टू समेत अन्य बीजेपी नेताओं से मुख्यमंत्री ने कहा है कि अगर उनमें हिम्मत है, तो प्रधानमंत्री से पूछें कि करतारपुर साहिब कॉरिडोर और श्री ननकाना साहिब के दर्शन पर पाबंदी क्यों? क्रिकेट खेला जा सकता है, लेकिन श्रद्धालुओं को गुरु के दर पर मत्था टेकने की इजाजत नहीं?
