गुरु तेग बहादुर की शहीदी दिवस पर CM सैनी ने निभाई ‘पालकी सेवा' की रस्म,
कुरुक्षेत्र : नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत पर्व की स्मृति के मौके पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। आस्था और सम्मान की रक्षा के लिए गुरु के बेमिसाल बलिदान को पूरे देश में श्रद्धा के साथ याद किया जा रहा है। इस दौरान कुरुक्षेत्र की पावन धरती पर श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक दृश्य देखने को मिला, जब हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वयं श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को सिर पर उठा कर मुख्य मंच तक ले जाने की पवित्र 'पालकी सेवा’ निभाई।
मुख्यमंत्री द्वारा निभाई गई यह सेवा सिख परंपरा में अत्यंत सम्मान और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है। संगत की उपस्थिति में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को सम्मानपूर्वक दरबार हॉल में लाया गया और अरदास कर के विधिवत प्रकाश किया गया। पूरे परिसर में श्रद्धा, भक्ति और शांति का वातावरण बना रहा। शहीदी दिवस के मुख्य कार्यक्रम में कीर्तन, गुरबाणी पाठ, समागम, और गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान पर आधारित विशेष प्रस्तुतियां भी शामिल रहीं।
मुख्यमंत्री ने व्यवस्थाओं को लेकर सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधि, पंडा समाज और धार्मिक सभा के सदस्यों का धन्यवाद किया। उन्होंने पुलिस प्रशासन का भी आभार व्यक्त किया।
सीएम ने कहा कि गुरु तेग बहादुर की तपस्या, बलिदान और शानदार विरासत का संदेश फैलाने के लिए प्रदेश सरकार और हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ज्योतिसर में गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत की सालगिरह मना रही है। प्रधानमंत्री मोदी इसी समारोह में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सिख गुरु तेग बहादुर ने इंसानियत, धर्म और देश की रक्षा के लिए सबसे बड़ा बलिदान दिया, यह एक ऐसी विरासत है जिसे हर इंसान के साथ शेयर किया जाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियां इस गहरे इतिहास से प्रेरणा ले सकें।