Chandigarh: चंडीगढ़ में इनफ्लूएंजा (H3N2) वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। यहां पर अब तक सात मरीजों में इस संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि राहत की बात यह है कि इन मरीज की हालत गंभीर नहीं है। इनके अलावा सैकड़ों अन्य बीमारी लोगों का ब्लड सैंपल जांच के लिए चंडीगढ़ पीजीआई भेजा गया है। एक-दो दिन में इन मरीजों की भी जांच रिपोर्ट आ जाएगी। लागातर और तेजी से फैल रहा इनफ्लूएंजा संक्रमण अब खतरे की घंटी बजाने लगा है। चंडीगढ़ में इनफ्लूएंजा संक्रमण के बढ़ते स्तर को रोकने के लिए यूटी स्वास्थ्य विभाग ने इससे बचाव के लिए एक एडवाइजरी जारी की है।
चंडीगढ़ स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने इनफ्लूएंजा संक्रमण की जानकारी देते हुए बताया कि यह एक मौसमी फ्लू है। इससे कोविड-19 की तरह डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन इस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए बचाव उपाय को अपनाना बहुत जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे संक्रमण को रोकने के लिए बताए गए बचाव के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित करें। यह संक्रमण सबसे अधिक बच्चे और बुजुर्गों के लिए खतरनाक है। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि चंडीगढ़ पीजीआई में इस संक्रमण की जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जीएमएसएच-16 में भी इनफ्लूएंजा से संक्रमित मरीजों के लिए अलग 20 बेड का एक आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है।
