चण्डीगढ़

Chandigarh Grenade Attack Case: NIA ने तीन राज्यों में मारे छापे, खंगाले आतंकवादी हरप्रीत सिंह के ठिकाने; साजिश में पाकिस्तान का हाथ!

Chandigarh Grenade Attack Case: चंडीगढ़ ग्रेनेड हमला मामले में एनआईए ने पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में छापेमारी की। एजेंसी ने एक बयान में कहा कि अमेरिका स्थित आतंकवादी हरप्रीत सिंह उर्फ ​​हैप्पी पासियन से जुड़े संदिग्धों के परिसरों में छापे मारे गए।

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आतंकवादी हरप्रीत सिंह के ठिकानों पर एनआईए की छापेमारी

Chandigarh Grenade Attack Case: राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने चंडीगढ़ ग्रेनेड हमला मामले में बुधवार को कई राज्यों में बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से जुड़े विभिन्न स्थानों पर छापे मारे। एजेंसी ने एक बयान में कहा कि अमेरिका स्थित आतंकवादी हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासियन से जुड़े संदिग्धों के परिसरों में छापे मारे गए। उसने कहा कि तलाशी अभियान पंजाब के अमृतसर, गुरदासपुर, बठिंडा और फिरोजपुर जिलों, उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी, उत्तराखंड के रुद्रपुर जिले और चंडीगढ़ में चलाया गया। बयान में कहा गया है कि तलाशी अभियान के दौरान मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरण एवं दस्तावेज आदि जब्त किए गए।

विशाल मसीह-रोहन मसीह गिरफ्तार

एजेंसी ने पिछले साल 9 सितंबर को चंडीगढ़ के सेक्टर 10/डी में एक घर पर हुए ग्रेनेड हमले से संबंधित मामले की जांच अपने हाथ में ली थी और आरोपियों रोहन मसीह तथा विशाल मसीह को गिरफ्तार किया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले की जांच एनआईए को सौंपी थी।

एजेंसी के बयान में कहा गया है कि इस मामले में एनआईए की अब तक जांच में पाकिस्तान स्थित हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा और अमेरिका स्थित हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासियन द्वारा एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी पर हमला करने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। उसने कहा कि दोनों आतंकवादी बीकेआई से जुड़े हैं। बयान के अनुसार दोनों आतंकवादियों ने हमले को अंजाम देने के लिए एक ‘मॉड्यूल’ को धन, हथियार और अन्य सहायता प्रदान की थी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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