चण्डीगढ़

भगवंत मान ही रहेंगे पंजाब के सीएम या AAP करेगी बदलाव? केजरीवाल ने बताया आगे का प्लान

Punjab Politics: अरविंद केजरीवाल ने ये साफ कर दिया है कि पंजाब की सत्ता में कोई बदलाव किया जाएगा या नहीं। आम आदमी पार्टी के शासनकाल में क्या भगवंत मान सीएम बने रहेंगे या आप को किसी और विकल्प की तलाश है। केजरीवाल ने कहा है कि पंजाब के मुख्यमंत्री के तौर पर भगवंत मान पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे।

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पंजाब के मुख्यमंत्री को लेकर क्या बोले केजरीवाल?

Kejriwal on Punjab CM: आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि भगवंत मान पंजाब के मुख्यमंत्री के तौर पर अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। केजरीवाल ने विपक्षी दलों के उन दावों को खारिज कर दिया कि मान को पद से हटा दिया जाएगा। हालांकि, केजरीवाल ने यह भी कहा कि पंजाब में नशा और भ्रष्टाचार सबसे बड़ी समस्या है।

केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में पार्टी की सरकार के तीन साल पूरे होने पर रविवार को अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में मत्था टेका। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल पंजाब के होशियारपुर में 10 दिवसीय विपश्यना ध्यान सत्र पूरा करने के बाद शनिवार को अमृतसर पहुंचे।

पत्नी सुनीता के साथ केजरीवाल ने स्वर्ण मंदिर में टेका मत्था

स्वर्ण मंदिर में केजरीवाल के साथ उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल और पंजाब सरकार में मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल समेत आम आदमी पार्टी के कई नेता भी मौजूद थे। ‘आप’ ने 2022 में पंजाब में कुल 117 विधानसभा सीट में से 92 सीट जीतकर सरकार बनाई थी।

केजरीवाल ने अमृतसर में संवाददाताओं से कहा, 'मान साहब ने 16 मार्च 2022 को पंजाब के मुख्यमंत्री का पद संभाला था। आज हम यहां गुरु महाराज का आशीर्वाद लेने आए हैं। तीन वर्षों में उन्होंने (गुरुओं ने) हमारा मार्गदर्शन किया और लोगों की सेवा करते रहने की शक्ति प्रदान की। ' उन्होंने कहा, 'आज पंजाब में सबसे बड़ी समस्या नशा और भ्रष्टाचार है। पंजाब के तीन करोड़ लोग नशे और भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग छेड़ने के लिए एक साथ आए हैं... यह न्याय की लड़ाई है '

'मान साहब पांच साल पूरे करेंगे, चिंता करने की जरूरत नहीं'

केजरीवाल ने कहा कि वे ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें शक्ति प्रदान करें ताकि वे पंजाब के लोगों की सेवा करते रहें। आप प्रमुख ने कहा, 'हम यहां पंजाब में लोगों की सेवा करने के लिए हैं, सत्ता के लिए नहीं।' आप के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा यह दावा किए जाने के बारे में पूछे जाने पर कि पंजाब के मुख्यमंत्री को जल्द ही बदल दिया जाएगा, केजरीवाल ने कहा, 'मान साहब पांच साल पूरे करेंगे, आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है... वे अगले पांच साल भी पूरे करेंगे।'

पिछले महीने पंजाब में कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने दावा किया था कि आम आदमी पार्टी के 32 विधायक उनके संपर्क में हैं और पाला बदलने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि भगवंत मान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संपर्क में हैं। इससे पहले भगवंत मान ने दावा किया कि पिछले तीन वर्षों में जो काम हुआ है, वह पिछले 70 वर्षों में भी नहीं हुआ।

'पंजाब के 52,000 युवाओं को मिलीं सरकारी नौकरियां'

सीएम मान ने दावा किया कि पंजाब के युवाओं को 52,000 सरकारी नौकरियां दी गई हैं तथा राज्य में नशे और भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, '16 मार्च 2022 को खटकड़ कलां में हमने पंजाब को फिर से 'रंगला पंजाब' (समृद्ध) बनाने का संकल्प लिया था... हम उस वादे को पूरा करने के लिए नेक नीयत और पूरी ईमानदारी के साथ काम कर रहे हैं।'

मान ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'इन तीन वर्षों में जो काम हुआ है, वह पिछले 70 वर्षों में भी नहीं हुआ। हम पंजाबियों से किए गए हर वादे को पूरा करेंगे। हम पंजाब से नशे की बुराई को खत्म करने के लिए जारी लड़ाई को उसके तार्किक निष्कर्ष तक ले जाएंगे। पंजाब के तीन करोड़ लोगों को आपके समर्थन और उन पर विश्वास के लिए धन्यवाद।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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