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Lucknow: 5 लाख रुपये की घूस लेते ED के दो अधिकारी गिरफ्तार, CBI ने जाल बिछाकर रंगे हाथ पकड़ा

CBI ने लखनऊ में 5 लाख रुपये की कथित रिश्वत के मामले में ED के दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। CBI के अनुसार, 23 अक्टूबर को दर्ज मामले में ED केस में राहत दिलाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।

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CBI ने ED के दो अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा (File Photo)

Photo : PTI

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दो अधिकारियों को कथित तौर पर 5 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रवर्तन अधिकारी दीपक कुमार और हेड कांस्टेबल मनोज द्विवेदी के रूप में हुई है। दोनों ED के लखनऊ जोन कार्यालय में तैनात थे। मामले में आगे की जांच जारी है।

CBI के मुताबिक, इस मामले में 23 अक्टूबर को शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि ED के एक मामले में शिकायतकर्ता के पिता को अगस्त और सितंबर 2026 में दो समन मिले थे। इसी मामले में राहत या मदद दिलाने के बदले हेड कांस्टेबल मनोज द्विवेदी ने शिकायतकर्ता के पिता से रिश्वत की मांग की थी।

रिश्वत लेते हेड कांस्टेबल को पकड़ा

शिकायत के बाद CBI ने आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया। एजेंसी के अनुसार, मनोज द्विवेदी को प्रवर्तन अधिकारी की ओर से 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगते और स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोप है कि यह रकम शिकायतकर्ता के पिता को ED के मामले में अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले ली जा रही थी। मनोज द्विवेदी प्रतिनियुक्ति पर ED में तैनात था और कथित रिश्वतखोरी में उसकी अहम भूमिका बताई गई है। CBI ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी मामले में भी CBI की कार्रवाई

इससे पहले CBI ने अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी और ATM कार्ड तस्करी नेटवर्क के एक प्रमुख आरोपी मुहम्मद फजल के. को केरल के कोझिकोड जिले के थमारसेरी स्थित उसके आवास से पकड़ा था। यह मामला जुलाई 2024 में सामने आए 1.04 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि ठगों ने खुद को FedEx अधिकारियों और साइबर अपराध पुलिसकर्मी बताकर त्रिशूर के एक व्यक्ति को निशाना बनाया। पीड़ित को बैंक खाते के सत्यापन के नाम पर 1,04,40,111 रुपये ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया था।

CBI की जांच में कथित तौर पर एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पता चला, जो युवाओं और छात्रों से 3,000 से 7,000 रुपये प्रति कार्ड के हिसाब से डेबिट और ATM कार्ड खरीदता था और उन्हें दुबई भेजता था। आरोप है कि इन कार्डों का इस्तेमाल विदेश में मौजूद सहयोगी साइबर ठगी से हासिल रकम निकालने के लिए करते थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी विदेश में रकम निकालकर भारत में रियल एस्टेट में निवेश करता था और केरल में सोने की तस्करी में भी शामिल था। लुकआउट सर्कुलर जारी होने के बाद 13 मई 2026 को उसे शारजाह भागने की कोशिश के दौरान बेंगलुरु एयरपोर्ट पर रोका गया था।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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