Tibet Earthquake: चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत में भूकंप का खौफ थमने का नाम नहीं ले रहा है। 22 अक्टूबर की रात आए 7.0 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप, जिसने कम से कम 16 लोगों की जान ले ली, तकरीबन 65 लोगों को घायल कर दिया और 339 से अधिक घरों को जमींदोज कर दिया उसके बाद शनिवार, 24 अक्टूबर के तड़के एक बार फिर तिब्बत और आसपास के इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (National Center for Seismology - NCS) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार सुबह तड़के कुछ ही घंटों के अंतराल पर लगातार झटके दर्ज किए गए हैं।
NCS द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़े
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार दर्ज किए गए मुख्य भूकंपीय झटकों में पहला बड़ा झटका भारतीय समयानुसार सुबह 04:09 बजे आया, जो 4.6 तीव्रता का था। इसका केंद्र अक्षांश (Lat) 32.920° N और देशांतर (Long) 93.761° E पर जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया। इसके बाद सुबह 05:38 बजे 4.5 तीव्रता का एक और झटका महसूस किया गया। इसका केंद्र अक्षांश 31.485° N और देशांतर 93.528° E पर जमीन के भीतर 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।
22 अक्टूबर के बाद मंडराया आफ्टरशॉक्स का खतरा
वैज्ञानिकों और भूवैज्ञानिकों के अनुसार, 22 अक्टूबर को नागकू क्षेत्र में आए 7.0 तीव्रता के शक्तिशाली मुख्य भूकंप के बाद लगातार आ रहे ये झटके आफ्टरशॉक्स की श्रेणी में आते हैं। उल्लेखनीय है कि 22 अक्टूबर के भीषण हादसे में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई थी। लगभग 65 लोग गंभीर व आंशिक रूप से घायल हुए थे।339 रिहायशी मकान और 20 मवेशी शेड पूरी तरह तबाह हो गए थे।
राहत और बचाव कार्यों में बढ़ सकती हैं मुश्किलें
नागकू और आसपास के प्रभावित इलाकों में जहां पहले से ही 1,600 से अधिक बचाव कर्मी राहत कार्यों में जुटे हुए हैं, वहीं लगातार आ रहे इन नए झटकों के कारण मलबे में तलाश अभियान और प्रभावित लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इसके अलावा क्षेत्र में जारी बर्फबारी और नेशनल हाईवे 317 के बंद होने से स्थितियां पहले ही चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं।
