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पराली जलाने की घटनाओं पर लगाम लगाने की तैयारी, CAQM ने पंजाब के दो जिलों में की समीक्षा

CAQM अध्यक्ष राजेश वर्मा के नेतृत्व में उच्चस्तरीय दल ने 24 अक्टूबर को पंजाब के अमृतसर और तरनतारन में पराली प्रबंधन उपायों की समीक्षा की। आयोग ने अधिकारियों को इन्हें कम करने के निर्देश दिए।

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पंजाब में पराली प्रबंधन की समीक्षा (सांकेतिक फोटो)

Photo : iStock

पंजाब में पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने चिंता जताई है। शनिवार को आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा के नेतृत्व में उच्चस्तरीय दल ने अमृतसर और तरनतारन में अधिकारियों के साथ बैठक कर पराली प्रबंधन उपायों की समीक्षा की। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 15 सितंबर से 23 अक्टूबर के बीच पंजाब में खेतों में आग लगने के 542 मामले सामने आए, जिनमें लगभग आधी घटनाएं तरनतारन में दर्ज की गईं।

पराली जलाने पर रोक के लिए हरसंभव प्रयास करें अधिकारी

शनिवार को बैठक में धान की पराली के व्यापक प्रबंधन के लिए लागू किए गए उपायों की समीक्षा की गई। इसमें पराली जलाने की घटनाओं को कम करने और अंततः पूरी तरह समाप्त करने पर विशेष ध्यान दिया गया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, दल ने दोनों जिलों में धान की पराली के प्रबंधन के लिए खेतों में ही किए जाने वाले उपायों और खेतों से बाहर पराली के उपयोग के तरीकों के साथ-साथ इस दिशा में उपलब्ध सुविधाओं और बुनियादी ढांचे का भी आकलन किया।

पराली जलाने के 542 मामले सामने आए

इस दल ने आग लगने की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर जिलों की ओर से की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की। आयोग ने इन घटनाओं में वृद्धि पर चिंता जताई और अधिकारियों को इनकी संख्या कम करने के लिए हरसंभव प्रयास करने का निर्देश दिया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में इस साल 15 सितंबर से 23 अक्टूबर के बीच खेतों में आग लगने के 542 मामले सामने आए, इनमें से लगभग आधी घटनाएं तरनतारन में हुईं।

(इनपुट - भाषा)

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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