पंजाब में पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने चिंता जताई है। शनिवार को आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा के नेतृत्व में उच्चस्तरीय दल ने अमृतसर और तरनतारन में अधिकारियों के साथ बैठक कर पराली प्रबंधन उपायों की समीक्षा की। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 15 सितंबर से 23 अक्टूबर के बीच पंजाब में खेतों में आग लगने के 542 मामले सामने आए, जिनमें लगभग आधी घटनाएं तरनतारन में दर्ज की गईं।
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पराली जलाने पर रोक के लिए हरसंभव प्रयास करें अधिकारी
शनिवार को बैठक में धान की पराली के व्यापक प्रबंधन के लिए लागू किए गए उपायों की समीक्षा की गई। इसमें पराली जलाने की घटनाओं को कम करने और अंततः पूरी तरह समाप्त करने पर विशेष ध्यान दिया गया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, दल ने दोनों जिलों में धान की पराली के प्रबंधन के लिए खेतों में ही किए जाने वाले उपायों और खेतों से बाहर पराली के उपयोग के तरीकों के साथ-साथ इस दिशा में उपलब्ध सुविधाओं और बुनियादी ढांचे का भी आकलन किया।
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पराली जलाने के 542 मामले सामने आए
इस दल ने आग लगने की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर जिलों की ओर से की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की। आयोग ने इन घटनाओं में वृद्धि पर चिंता जताई और अधिकारियों को इनकी संख्या कम करने के लिए हरसंभव प्रयास करने का निर्देश दिया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में इस साल 15 सितंबर से 23 अक्टूबर के बीच खेतों में आग लगने के 542 मामले सामने आए, इनमें से लगभग आधी घटनाएं तरनतारन में हुईं।
(इनपुट - भाषा)
