Delhi News: दक्षिण दिल्ली में 11 वर्षीय बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या करने के आरोपी कैब चालक ने मंगलवार को पुलिसकर्मी की पिस्तौल कथित रूप से छीन कर भागने की कोशिश और इस दौरान हुई मुठभेड़ में वह घायल हो गया। यह मुठभेड़ उस समय हुई जब पुलिस 29 वर्षीय बाशु कुमार सिंह को घटनाओं के क्रम का पुनर्निर्माण कराने के लिए फतेहपुर बेरी के पास मंडी रोड स्थित स्थान पर लेकर गई थी। सिंह ने कथित तौर पर अपनी कार के अंदर बच्ची का यौन उत्पीड़न किया और उसे फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड के पास एक वन क्षेत्र में ले जाकर उसकी हत्या कर दी।
पुलिसकर्मी की सरकारी पिस्तौल छीनी
पुलिस के अनुसार, जब घटनाओं के क्रम का पुन:निर्माण किया जा रहा था, तब सिंह ने कथित तौर पर भागने का प्रयास किया और एक पुलिसकर्मी की सरकारी पिस्तौल छीन ली। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "इसके बाद हुई झड़प में आरोपी ने भागने की कोशिश की। पुलिस ने आत्मरक्षा में उस पर गोली चलाई और उसे भागने से रोकने के लिए उसके पैर में गोली मार दी।" सिंह को तुरंत काबू में किया गया और इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। उसकी हालत स्थिर बताई गई है।
सोमवार को हुई थी गिरफ्तारी
पुलिस ने कहा कि भागने के प्रयास के संबंध में कानूनी कार्यवाही शुरू की जा रही है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी के माध्यम से सिंह को कथित बलात्कार और हत्या के छह घंटे के अंदर सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। उस पर सोमवार तड़के महरौली में छतरपुर मेट्रो स्टेशन के पास फुटपाथ पर अपने परिवार के साथ सो रही बच्ची का अपहरण करने, उसके साथ दुष्कर्म करने और उसकी हत्या करने और उसके शव को हरियाणा सीमा के पास एक वन क्षेत्र में पत्थरों के नीचे छिपाने का आरोप है।
इससे पहले भी हुई मुठभेड़
वहीं आज ही पुलिस ने तड़के उत्तर पूर्वी दिल्ली के खजूरी खास इलाके में संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद हत्या के मामले में वांछित 24 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की पहचान भागीरथी विहार निवासी हारुन सैफी के रूप में हुई है, जो 15 जून को दयालपुर थाना क्षेत्र के नेहरू विहार इलाके में राशिद नामक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या करने के मामले में वांछित था। अधिकारी ने बताया कि सैफी की गतिविधि के बारे में विशेष जानकारी पर पुलिस ने सिग्नेचर ब्रिज और खजूरी खास मेट्रो स्टेशन के बीच के इलाके में जाल बिछाया।
उन्होंने बताया कि जब पुलिस टीम ने उसे रुकने का इशारा किया, तो आरोपी ने रुकने के बजाए कथित तौर पर गोलीबारी शुरू कर दी और भागने की कोशिश की, जिससे संक्षिप्त मुठभेड़ हुई। अधिकारी ने कहा, "पुलिस टीम ने अभियान के दौरान उसे काबू में कर लिया।" उनके मुताबिक, उसके कब्जे से एक अर्ध स्वचालित पिस्तौल, दो कारतूस और एक स्कूटर बरामद किया गया। इससे पहले जांच में दयालपुर पुलिस ने तकनीकी निगरानी और अन्य सबूतों के आधार पर हत्या में कथित रूप से शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था, वहीं अपराध शाखा ने अनवर ठाकुर-हारून गिरोह से कथित तौर पर जुड़े दो नाबालिग शूटर को पकड़ा था। 15 जून को बाइक सवार तीन लोगों ने राशिद को कई गोलियां मारी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
