UP Bulldozer Action: गाजियाबाद के लोनी में प्रशासन ने सड़क किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया और कई निर्माण ध्वस्त कर दिए। वहीं बागपत के बोपुरा गांव में बिना अनुमति बनाए जा रहे कथित अवैध मस्जिद और मदरसे को भी प्रशासन ने गिरा दिया। दोनों जिलों में हुई इन कार्रवाइयों के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और कानून-व्यवस्था बनाए रखी गई। जानकारी के मुताबिक, लोनी में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बुधवार को राशिद अली गेट से निठौरा मार्ग तक सड़क किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए बुलडोजर एक्शन किया गया। कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही।
भारी संख्या में पुलिस बल तैनात
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों की निगरानी में जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध निर्माण और अतिक्रमण को हटाया गया। प्रशासन का कहना है कि सड़क और सार्वजनिक भूमि पर किए गए अवैध कब्जों की वजह से यातायात प्रभावित हो रहा था तथा आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसी को देखते हुए यह अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि और सार्वजनिक मार्गों पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा रहा, जबकि स्थानीय लोगों ने सड़क को अतिक्रमण मुक्त किए जाने का स्वागत किया।

बागपत में हुई कार्रवाई
बागपत में भी हुई कार्रवाई
वहीं बागपत के बड़ौत तहसील क्षेत्र के ग्राम बोपुरा में प्रशासन ने बिना वैधानिक अनुमति बनाए जा रहे कथित अवैध मस्जिद और मदरसे पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे ध्वस्त कर दिया। डीएम अस्मिता लाल के निर्देश पर राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया। योगी सरकार का पिला पंजा एक बार फिर अवैध निर्माण पर गरजता नजर आया। बताया जा रहा है कि बागपत के बोपुरा गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब प्रशासनिक अमला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा। शासन स्तर पर प्राप्त शिकायत के बाद की गई जांच में सामने आया कि मुजफ्फरनगर जनपद के बुढ़ाना क्षेत्र निवासी शौकीन द्वारा मस्जिद एवं मदरसा इस्लामिया सबीलुल फलाह के नाम से निर्माण कराया जा रहा था।
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
जांच के दौरान निर्माण से जुड़े जरूरी अनुमति पत्र और वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद जिलाधिकारी बागपत अस्मिता लाल के निर्देश पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को हटवा दिया। मौके पर राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ मौजूद रहे। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मौके पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया । योगी सरकार लगातार यह संदेश दे रही है कि चाहे कोई भी व्यक्ति या संस्था हो, कानून से ऊपर कोई नहीं है। अवैध कब्जों, अतिक्रमणों और बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण कार्यों पर सरकार का एक्शन लगातार जारी है। बागपत की यह कार्रवाई भी उसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। बागपत जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में बिना अनुमति होने वाले किसी भी निर्माण को अब बख्शा नहीं जाएगा।
