Sadbhav Yatra: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजनीतिक उत्तराधिकारी माने जा रहे उनके बेटे निशांत कुमार रविवार को 'सद्भाव यात्रा' की शुरुआत की। इस दौरान, वाल्मीकि नगर में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। एकांतप्रिय माने जाने वाले 45 वर्षीय निशांत पिता द्वारा मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और राज्यसभा में जाने के फैसले की घोषणा के कुछ दिनों बाद ही जदयू में शामिल हुए थे।
जदयू के सोशल मीडिया हैंडल, 'जय निशांत, तय निशांत' के नारे के साथ माहौल बनाने में लगे रहे। इन हैंडल से पार्टी के शीर्ष नेता के उत्तराधिकारी के वाहन पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाए जाने की तस्वीरें भी साझा कीं। निशांत, पिता के जनसंपर्क कार्यक्रमों की तरह ही खुले वाहन में सवार हैं। लेकिन इसबार इसे 'सद्भाव रथ' नाम दिया गया है, जो इस संदेश को रेखांकित करता है कि युवा नेता विशुद्ध सद्भावना के माध्यम से लोगों का दिल जीतना चाहते हैं।
निशांत ने पिता से लिया आशीर्वाद
पश्चिम चंपारण के लिए रवाना होने से पहले निशांत पिता का आशीर्वाद लेकर राज्य मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने सवांददाताओं से कहा, ''मेरी पहली राजनीतिक यात्रा 'सद्भाव यात्रा' आज से शुरू हो रही है। 'सद्भाव' शब्द प्रेम और सकारात्मक भावनाओं का प्रतीक है। मैं सबको साथ लेकर चलूंगा, किसी को भी पीछे नहीं छोडूंगा।'' उन्होंने कहा, ''पश्चिम चंपारण वह भूमि है जहां महात्मा गांधी ने 1917 में दौरा किया था और सत्याग्रह शुरू किया था। मेरे पिता ने भी अपनी सभी महत्वपूर्ण यात्राओं की शुरुआत यहीं से की।''
जद (यू) नेता ने कहा कि वह पिछले दो दशकों में अपने पिता द्वारा किए गए कार्यों का प्रचार करेंगे और जो भी कार्य अब तक पूरे नहीं हुए हैं, उन्हें पूरा करने का काम करेंगे। निशांत ने कहा, ''मैं जद (यू) के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत करूंगा, पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलूंगा और पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए उनकी राय लूंगा।''
वहीं, कुमार और अन्य वरिष्ठ पार्टी नेताओं के साथ पहुंचे जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने कहा कि ''जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़ने'' के उद्देश्य से आयोजित इस यात्रा के माध्यम से ''प्रेम, एकता और भाईचारे का संदेश'' फैलाया जाएगा। 'सद्भाव यात्रा' की शुरुआत की पूर्व संध्या पर जदयू के प्रवक्ता और विधान परिषद के सदस्य (MLC) नीरज कुमार ने पश्चिम चंपारण के जिला मुख्यालय बेतिया में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ''निशांत का संबंध उस भूमि से है जहां सम्राट अशोक का जन्म हुआ था।''
उन्होंने कहा कि अपने पिता की तरह वह भी ऋषि वाल्मीकि की भूमि से यात्रा शुरू कर रहे हैं। नीरज कुमार ने कहा, ''वाल्मीकि और अशोक दोनों ने त्याग का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया। हमारे सर्वोच्च नेता नीतीश कुमार ने भी सत्ता त्यागकर अपने सिद्धांतों पर चलने का निर्णय लेकर त्याग की यही भावना दिखाई।''
उन्होंने कहा, ''सत्ता के प्रति वही त्याग का भाव निशांत ने भी दिखाया है। वह किसी भी समय नए मंत्रिमंडल या राज्य विधानमंडल में स्थान प्राप्त कर सकते थे। लेकिन उन्होंने शॉर्टकट से बचने और जनसंपर्क के आजमाए हुए तरीके से अपनी पहचान बनाने का विकल्प चुना।'' जदयू प्रमुख के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नयी सरकार का गठन हुआ है।
नीरज कुमार ने कहा, ''नीतीश कुमार हमेशा से अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता के प्रति 'कतई बर्दाश्त नहीं' की नीति का पालन करते आए हैं।नयी सरकार ने भी इसी नीति को अपना आदर्श वाक्य बनाया है। निशांत के रूप में हमें एक ऐसा नेता मिला है जो इस विरासत को आगे बढ़ाएगा।''
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