पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच बिहार सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए एक क्राइसेस मैनेजमेंट ग्रुप बनाया है। इस पहल का मकसद राज्य में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सुचारु बनाए रखना और सप्लाई चेन को मजबूत रखना है। साथ ही प्रवासी मजदूरों के हितों की सुरक्षा सुनश्चित करना है। ताकि किसी भी संभावित प्रभाव से निपटा जा सके और आम लोगों को कोई परेशानी न हो।
क्राइसेस मैनेजमेंट ग्रुप में कौन-कौन होगा शामिल
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, इस ग्रुप की अध्यक्षता मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत करेंगे। इस टीम में विकास आयुक्त, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) समेत कई प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं। इस ग्रुप का नोडल विभाग खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को बनाया गया है।
जरूरी वस्तुओं की कमी नहीं होने देगी सरकार
इस क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की मुख्य जिम्मेदारी राज्य में जरूरी सामान जैसे खाद्यान्न, ईंधन और अन्य आवश्यक चीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। साथ ही यह टीम सप्लाई चेन पर नजर बनाए रखेगी, ताकि किसी तरह की कमी या रुकावट न आए। इसके अलावा दूसरे राज्यों या देशों में काम करने वाले बिहार के प्रवासी मजदूरों के हितों की रक्षा पर भी खास ध्यान दिया जाएगा। इस कदम के जरिए सरकार का उद्देश्य है कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात का कोई प्रभाव बिहार पर पड़ता है, तो उससे निपटने के लिए पहले से तैयारी की जा सके।
30 मार्च को होगी समूह की पहली बैठक
इस समूह की पहली बैठक 30 मार्च को मुख्य सचिव के कार्यालय में होगी। इसके बाद राज्य के सभी संभागीय आयुक्तों और जिला अधिकारियों के साथ एक वर्चुअल बैठक भी की जाएगी, ताकि पूरे राज्य में बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सके।
