प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की एनडीए सरकार में नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) इकाई के प्रमुख वीडी शर्मा को भाषण देने रोक दिया। यह पूरा वाकया शिवपुरी का है, जहां एक कार्यक्रम के दौरान वह अपनी बात रखने ही पहुंचे थे। वैसे, शर्मा को अपनी सीट पर पहले ही लौट कर आना पड़ा, जबकि सिंधिया ने भीड़ को संबोधित करना शुरू कर दिया था।
दरअसल, मंच से जो अनाउंसमेंट (मॉडरेटर की ओर से) हुआ था, उसमें वीडी शर्मा को अपना उद्बोधन देने के लिए कहा गया था। जोरदार तालियों के साथ उनका इस दौरान स्वागत भी कराया गया। हालांकि, जैसे ही वह पोडियम पर आकर खडे़ हुए और माइक अपने हिसाब से एडजस्ट करने लगे, वैसे ही पीछे से सिंधिया आ पहुंचे। शर्मा इसके बाद चेहरे पर बरकरार मुस्कान के साथ वापस अपनी सीट पर लौट लिए।
चूंकि, शर्मा चुपचाप लौटकर अपनी सीट तक पहुंचे और वहीं बैठ गए। मंच पर एकदम से जो कुछ भी हुआ, उसे देखकर लोग और ऑडियंस एक पल को कुछ समझ न पाए और हैरान रह गए। सिंधिया के संबोधन के बाद उनकी स्पीच की बारी आई। शुक्रवार की इस घटना को लेकर अगले दिन यानी 11 फरवरी, 2023 को विवाद पनपा। कांग्रेस के मीडिया सेल चीफ केके मिश्रा ने आरोप लगाया- सिंधिया परिवार की यह परंपरा रही है कि वे दूसरे अन्य नेताओं को किनारे लगा खुद आगे बढ़ जाते हैं।
सूबे में बीजेपी की प्रवक्ता और मीडिया सेल के चीफ लोकेंद्र पराशर ने बताया, "सिंधिया ने जो कुछ भी किया वह सूबे के बीजेपी चीफ के सम्मान में किया। यह बीजेपी का सिस्टम है, जहां अध्यक्ष सबसे सम्मानित व्यक्ति होता है और उनका संबोधन सबसे आखिर में आता है। सिंधिया को पता था कि चूक (संचालक से) हुई है और स्टेट बीजेपी चीफ को उनके बाद बोलना है। ऐसे में उन्होंने शर्मा से गुजारिश की कि वह उनके बाद अपनी बात रखें।" पराशर के मुताबिक, कांग्रेस में यह कल्चर नहीं है।
