भोपाल

MP : पुलिस वालों ने पीछा किया, 10 हजार रुपये मांगे; नहीं दिए तो छात्र को मार डाला? दो कांस्टेबल सस्पेंड

मृतक छात्र के दोस्तों ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों ने उदित का पीछा किया और उसे पीटने लगे। दोस्तों ने दावा किया कि जब उन्होंने पुलिसकर्मियों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने उनसे 10 हजार रुपये मांगे।​

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(सांकेतिक फोटो-Istock)

भोपाल : राजधानी में पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर पीटे जाने के बाद 22 वर्षीय एक छात्र की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि छात्र की पहचान उदित गायके के रूप में हुई है और वह बीटेक की पढ़ाई कर रहा था। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में एक पुलिसकर्मी उदित को पकड़े हुए जबकि दूसरा पुलिसकर्मी उसे डंडे से पीटता हुआ दिखाई दे रहा है। भोपाल (जोन 2) के पुलिस उपायुक्त विवेक सिंह ने बताया कि इस मामले में कांस्टेबल संतोष बामनिया और सौरभ आर्य को निलंबित कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि उदित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी। उदित के दोस्तों ने बताया कि वे कल (बृहस्पतिवार) रात इंद्रपुरी में पार्टी कर रहे थे। एक दोस्त देर रात करीब डेढ़ बजे उदित को घर छोड़ने जा रहा था कि तभी उसने पुलिस को देखा और एक गली में भागने लगा।

पुलिसकर्मियों ने मांगे 10 हजार - दोस्त

न्यूज एजेंसी पीटीआई/भाषा के हवाले से दोस्तों ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों ने उदित का पीछा किया और उसे पीटने लगे। उन्होंने बताया कि बाद में उदित की शर्ट फटी हुई और शरीर पर चोट के निशान पाए गए। दोस्तों ने दावा किया कि जब उन्होंने पुलिसकर्मियों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने उनसे 10 हजार रुपये मांगे।

उदित को उसके दोस्त अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सिंह ने बताया, “पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण का पता चल सकेग। परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मामले की जांच नगर पुलिस अधीक्षक स्तर के एक अधिकारी द्वारा की जा रही है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि उदित के माता-पिता भोपाल में नौकरी करते हैं जबकि उसके बहनोई बालाघाट जिले में पुलिस उपाधीक्षक है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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