भोपाल

MP: चलती बस से कूदी छात्राएं, कंडक्टर ने लॉक कर दिया दरवाजा; और फिर छेड़छाड़...

मध्य प्रदेश के दामोह में छेड़खानी होने पर स्कूली छात्राओं चलती बस से छलांग लगा दी, जिससे दोनों बुरी तरह घायल हो गईं। छेड़कानी करते वक्त कनडक्टर ने बस का दरवाजा लॉक कर दिया।

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दामोह छेड़छाड़ केस

दमोह: एमसी से एक बड़ा और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां दमोह जिले में दो नाबालिग स्कूली छात्राएं चलती यात्री बस से कूद गईं। दोनों को गंभीर रूप से घायल होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के पीछे वजह बस में उनके साथ हुई छेड़छाड़ बताई जा रही है। इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस छेड़छाड़ करने वालों की तलाश में जुट गई है।

घबरा कर बस से कूदीं छात्राएं

दरअसल, जिले के एक गांव की रहने वाली दो छात्राएं 9वीं क्लास में पढ़ती हैं। वे एक यात्री बस में सवार होकर परीक्षा देने टोरी स्कूल जा रही थीं। जानकारी के मुताबिक, बस में महज 4 लोग थे, जिनमें से दो ने चलती बस में लड़कियों के लिए अश्लील इशारे किये और कंडक्टर ने बस के पीछे का दरवाजा लॉक कर दिया, जिससे लड़किया घबरा गईं और आगे किसी अनहोनी की आशंका को भांपते हुए दोनों बस से कूद गईं। सडक किनारे पड़ी दोनों बच्चियो को देखकर लोगों का हुजूम लग गया।

राहगीरों ने घायल लड़कियों को उठाया और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद कुछ दूरी पर बस को भी रोक लिया गया। लेकिन, उसमें सवार सभी लोग भाग गए। गंभीर रूप से चोटिल लड़कियों को दमोह के जिला अस्पताल लाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। दोनो को सिर पर चोटें हैं। हालांकि डाक्टर्स के मुताबिक खतरे से बाहर हैं। वहीं, पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में अपराध कायम किया है। डीएसपी भावना दांगी ने बताया कि घटना सामने आने के बाद जांच की जा रही आरोपियो की तलाश में पुलिस जुटी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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