भोपाल

Bhopal Rescue Tiger: भोपाल में पकड़े गए बाघ की इस पार्क में गूंजेगी दहाड़, इस इलाके से किया गया था रेस्क्यू

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 10, 2023, 12:00 AM IST

Madhav National Park: भोपाल के मैनिट कैंपस में तीन माह पहले एक बाघ ने दहशत फैला दी थी। बाघ ने इस दौरान कई गायों का शिकार किया था। बाघ को कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू किया गया था। अब इस बाघ को माधव नेशनल पार्क में छोड़ने की तैयारी है। इससे पहले बाघ को कुछ दिनों तक इनक्लोजर में रखा जाएगा।

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भोपाल के मैनिट कैंपस से रेस्क्यू किए गए बाघ को माधव नेशनल पार्क में छोड़ा जाएगा (फाइल फोटो)

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • तीन महीने पहले भोपाल के मैनिट कैंपस में इसी बाघ ने मचाया था आतंक
  • बाघ को पार्क में छोड़ने से पहले रखा जाएगा इनक्लोजर में
  • बाघ को छोड़ने की 15 जनवरी रखी गई है तारीख


Bhopal News: अब से तीन महीने पूर्व राजधानी भोपाल में मैनिट कैंपस में परेशानी का सबब बने बाघ की दहाड़ अब माधव नेशनल पार्क में सुनाई देगी। इस बाघ को 15 जनवरी को माधव नेशनल पार्क में भेज दिया जाएगा। इस बाघ ने कुछ महीने पूर्व भोपाल के मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में आंतक फैला रखा था। इस बाघ को माधव नेशनल पार्क में छोड़ने से पहले कुछ दिनों तक एक इनक्लोजर में रखने का प्लान है। उसके बाद इसे पार्क में छोड़ दिया जाएगा।

बता दें कि, भोपाल के मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के कैंपस से तीन महीने पहले वन विभाग ने रेस्क्यू करने के बाद एक बाघ को पकड़ा था। इस बाघ को अभी तक सतपुड़ा नेशनल पार्क में रखा गया था। यह बाघ अब माधव नेशनल पार्क में छोड़ दिया जाएगा। इस बाघ को छोड़ने के लिए 15 जनवरी की तारीख निर्धारित की गई है।

माधव नेशनल पार्क में बाघों को बसाने की तैयारी

मिली जानकारी के अनुसार, माधव नेशनल पार्क प्रबंधन राजधानी भोपाल के मैनिट में पकड़े गए बाघ को पार्क में बने तीन हेक्टेयर के एक इनक्लोजर में रखा जाएगा। दस दिन तक इनक्लोजर में रखने के पश्चात इस बाघ को खुले जंगल में छोड़ दिया जाएगा। बाघ की मॉनिटरिंग आईटी कॉलर से होती रहेगी। इस बाघ के व्यवहार और स्वास्थ्य पर माधव नेशनल पार्क का जमीनी प्रबंधन मॉनिटरिंग करता रहेगा। बता दें कि, माधव नेशनल पार्क में बाघों को बसाने के लिए पिछले एक साल से जोरों-शोरों से तैयारियां की जा रही हैं। इस बाघ के लिए माधव नेशनल पार्क में अन्य शाकाहारी वन्य प्राणियों को भी बसाने का काम होगा।

बाघिन को भी पार्क में भेजने की थी तैयारी

जानकारी के लिए बता दें कि, माधव नेशनल पार्क के लिए पहले कालियासोत के जंगल से बाघिन को भेजे जाने का प्लान था, लेकिन इस बाघिन ने हाल ही में दो शावकों को जन्म दे दिया है। फिलहाल इस बाघिन को बेहोशी की दवा देना जोखिम भरा साबित हो जाएगा। इसलिए विभाग की ओर से अब मैनिट कैंपस में पकड़े गए बाघ को माधव नेशनल पार्क भेजने का निर्णय लिया गया है।

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