भोपाल

MP : रिजल्ट से पहले ही छात्र ने की आत्महत्या, NEET की OMR शीट से नहीं मैच हुए आंसर

मध्य प्रदेश के ग्लालियर में नीट परीक्षा में कम नंबर आने संदेह के चलते एक छात्र ने पिता की रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

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नीट कैंडिडेट ने की आत्महत्या

ग्वालियर : नीट (NEET) परीक्षा में नंबर कम आने की आशंका के चलते ग्वालियर में एक छात्र ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। छात्र ने आत्मघाती कदम अपने पिता की लाइसेंसी पिस्टल से उठाया। मृतक छात्र के पिता एक्स आर्मीमैन हैं। वहीं, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पड़ताल शुरू कर दी है।

ओ एम आर शीट से मैच नहीं हुए आंसर

महाराजपुरा थाना अंतर्गत शताब्दीपुरम इलाके में रहने वाले 18 वर्षीय निखिल प्रताप सिंह राठौर ने गोली मारकर खुदकुशी कर ली। निखिल के पिता बृजभान सिंह राठौर सेना से सेवानिवृत हैं। निखिल अपनी पढ़ाई को लेकर बेहद गंभीर था। उसका बड़ा भाई बी टेक का छात्र है। बीते रोज नीट की ओ एम आर शीट अपलोड हुई थी। निखिल ने जब सवालों के जवाबों का मिलान किया तो उसको नंबर कम आने की आशंका हुई। इसी के बाद वह मानसिक रूप से तनाव में आ गया।

हालांकि, माता-पिता ने भी निखिल से नंबरों को लेकर बात की लेकिन, उसकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया। बीती रात निखिल के कमरे से गोली चलने की आवाज आई। पिता ने जब कमरे में जाकर देखा तो निखिल लहुलुहान हालत में बेसुध बिस्तर पर पड़ा था। पास ही निखिल के पिता की लाइसेंसी पिस्टल रखी थी। आनन फानन में परिजन निखिल को लेकर अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टर्स ने नब्ज टटोलते ही निखिल को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन ने पुलिस को घटना की जानकारी दी और परिजन ने मौके पर पहुंचकर पिस्टल जब्त कर ली। साथ ही निखिल के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं पुलिस ने मर्ग कायम करके मामले की विवेचना शुरू कर दी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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