मुरैना: जिले में एक खेत में काम करते समय मधुमक्खियों ने वहां मौजूद लोगों पर हमला बोल दिया। जहरीले डंक मारने से एक 34 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना शुक्रवार को जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर अंबाह पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत करोली माता रोड पर हुई।
खेतों पर काम कर रहे थे लोग
सरकारी चिकित्सा अधिकारी डी एन यादव ने बताया कि मधुमक्खियों के झुंड ने एक कृषि क्षेत्र में मजदूरों के एक समूह को काट लिया। सिविल सर्जन गजेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि पांच मजदूरों को चिकित्सा सुविधाओं में ले जाया गया और उनमें से एक की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। यादव के अनुसार, घायल श्रमिकों में से एक का इलाज जिला अस्पताल में किया जा रहा है, जबकि तीन अंबाह के सरकारी अस्पताल में भर्ती हैं।
इसलिए मधुमक्खियों के काटने से होती है मौत
विशेषज्ञ कहते हैं कि मधुमक्खी का काटना एक आम घटना की तरह है। अधिकतर मामलों में मधुमक्खी के काटने से लोगों को दर्द महसूस होता है। लेकिन,कई बार इसका उल्टा रिएक्शन देखने को मिलता है। यदि किसी व्यक्ति पर एक साथ तमाम मधुक्खियां हमला करती हैं और एक दर्जन से ज्यादा बार डंक चुभता है तो उसमें विष का संचय एक विषैली प्रतिक्रिया कर सकता है। मधुमक्खी के डंक से सीरियस एलर्जी रिएक्शन जीवन के लिए खतरा बन जाता है। कई बार लोगों की मौत भी हो जाती है। मधुमक्खी के हमले से जी मितलाना, गले और जीभ में सूजन होना, नाड़ी की गति बहुत धीमी होना या बहुत तेज होना, सांस लेने में दिक्कत होना और चक्कर आना या बेहोशी होने जैसे लक्षण होते हैं।
आपको बता दें कि मधुमक्खी के डंक में जहर नहीं, बल्कि एक अम्ल पाया जाता है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में 'फार्मिक अम्ल' या फार्मिक एसिड कहते हैं। यही कारण है ज्यादा बार अधिक मधुमक्खियों के हमले से फॉर्मिक अम्ल की बॉडी में अधिकता हो जाती है, इसलिए पीड़ित की मौत भी हो जाती है।
