भोपाल

बाथरूम में नहा रही थी इंस्पेक्टर की बेटी, थानेदार के बेटे ने छुपकर किया ऐसा काम कि सहम जाएगा हर कोई

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 24, 2023, 12:15 PM IST

MP News: इंदौर में हुई इस घटना के बाद पुलिस महकमें की भी काफी किरकिरी हो रही है। दरअसल, पीड़िता एक पुलिस इंस्पेक्टर की बेटी है और आरोपी इसी क्षेत्र के थानेदार का बेटा है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

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पुलिस ने आरोपी युवक को किया गिरफ्तार

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MP News: मध्य प्रदेश के इंदौर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां पड़ोस के रहने वाले एक युवक ने युवती का नहाते हुए वीडियो बना लिया, जिसके बाद पीड़िता ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है।

इंदौर में हुई इस घटना के बाद पुलिस महकमें की भी काफी किरकिरी हो रही है। दरअसल, पीड़िता एक पुलिस इंस्पेक्टर की बेटी है और आरोपी इसी क्षेत्र के थानेदार का बेटा है। जानकारी के मुताबिक, थानेदार का परिवार मल्हारगंज इलाके में रहता है। इसी क्षेत्र में दूसरे इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी भी परिवार के साथ रहता है।

बाथरूम की खिड़की से बना रहा था वीडियो

घटना 21 जुलाई शाम की है। जानकारी के मुताबिक, पीड़िता एमपीएससी की तैयारी कर रही है। शाम चार बजे के करीब वह बाथरूम में नहाने गई थी। इसी दौरान उसकी नजर बाथरूम की खिड़की पर पड़ी तो उसने मोबाइल फोन देखा। इसके बाद वह जोर से चिल्लाकर बाहर की ओर भागी। घर से बाहर निकलकर उसने पड़ोसी के बेटे अनमोल ओसवाल को वहां से भागते हुए देखा।

पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में की देरी

पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद वह शिकायत दर्ज कराने के लिए मल्हारगंज पुलिस स्टेशन गई थी। वहां पुलिस ने उसकी एफआईआर दर्ज करने में देरी की, जिसके बाद उसने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

पीड़िता का आरोप है कि आरोपी के पिता इंदौर के एक थाने में थानेदार हैं, जिसके चलते मामले की सुनवाई नहीं हो रही है। उसने बताया कि हमारे ऊपर समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उधर, शिकायत दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है। पीड़िता ने कहा है कि आरोपी के पिता पुलिस महकमे में हैं, लिहाज इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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