भोपाल

खंडवा में इमाम की गिरफ्तारी पर गरमाई सियासत, ओवैसी बोले– मुसलमान होने की वजह से दर्ज हुआ केस

मध्य प्रदेश के खंडवा में मस्जिद के ईमाम अख्तर रज़ा शेख की गिरफ्तारी का मामला गरमा गया है। बीएनएस की धारा 163 लागू होने के बावजूद बाहरी व्यक्ति की सूचना न देने पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। इस मामले पर अब राजनीति भी शुरू हो गई है।

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ईमाम अख्तर रजा शेख-फाइल फोटो

MP News: खंडवा पुलिस की मस्जिद के ईमाम के खिलाफ की गई कार्रवाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। दरअसल खंडवा जिले में त्योहारों को देखते हुए बीएनएस की धारा 163 लागू की गई थी। संवेदनशील इलाका होने की वजह से पुलिस प्रशासन ऐहतियात के तौर पर जांच करता रहता है। गणेश विसर्जन के दिन हुए विवाद के बाद से पुलिस लगातार जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को शिकायत मिली कि इलाके की एक मस्जिद में खंडवा के बाहर से लोगों का आना जाना है। मस्जिद की जांच की गई तो वहां बिहार के किशनगंज से आए अख्तर रज़ा शेख नाम के व्यक्ति ठहरे हुए थे। पुलिस ने इसकी जानकारी मस्जिद कमेटी से मांगी तो उनके पास कोई जानकारी नहीं थी। जबकि धारा 163 के तहत नियम है कि बाहरी व्यक्ति की सूचना पुलिस थाने में देना अनिवार्य है। ऐसे में पुलिस ने मस्जिद के ईमाम अख्तर रज़ा पर केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।

इससे पहले हिंदू संगठनों ने भी पुलिस को ज्ञापन सौंप कर मांग की थी कि गांव की मस्जिद में बिहार से आया इमाम गांव का सांप्रदायिक माहौल खराब करने का काम कर रहा है। ग्रामीणों ने पुलिस से ईमाम के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। खंडवा एसपी ने इस मामले में दस्तावेजों की जांच की और जांच के बाद खालवा थाने में ईमाम राजा अख्तर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इस पर हंगामा खड़ा हो गया।

पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने जानकारी दी कि क्षेत्र में 163 लगी हुई है। बाहर से अगर कोई व्यक्ति आ रहा है तो संबंधित थाने में आने की सूचना देनी है। गणेश विसर्जन के समय विवाद हुआ था उसी की जांच के दौरान पता चला कि उसी इलाके में बाहर से व्यक्ति आया है, जो नमाज़ पढ़ा रहा है। वो बिहार के किशनगंज से आया हुआ है और उसकी कोई सूचना संबंधित थाने में नहीं दी गई है। जबकि धारा 163 बीएनएस जिले में लागू है। मस्जिद का कार्यभार देखने वालों ने सूचना नहीं दी इसलिए बीएनएस की धारा 223 के तहत अख्तर रज़ा शेख को गिरफ्तार किया गया है। बाहर से आने वाले व्यक्ति की सूचना देना ज़रूरी है। फिलहाल मामला जांच में है, किशनगंज बिहार के स्थानीय पुलिस प्रशासन से वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। वहां से जानकारी मिलने के बाद आगे की विधिसंमत कार्रवाई की जाएगी।

मामले में गरमाने लगी राजनीति

यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है और इस पर राजनीति भी शुरु हो गई है। मामले में एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवेसी का बयान सामने आया। हैदराबाद की एक सभा में ओवैसी ने कहा कि 'मध्यप्रदेश के खंडवा में एक मस्जिद के ईमाम बिहार आए तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सवाल खड़ा किया है कि कैसे बिहार से आए शख्स को मस्जिद में रखा गया। हिंदुस्तान के संविधान की आर्टिकल 19 में फंडामेंटल राइट है। जो धारा 223 से बड़ा है। ओवेसी ने कहा कि सिर्फ मुसलमान है इसलिए केस दर्ज किया गया है।' ओवैसी के बयान पर बीजेपी सांसद ने भी पलटवार किया। खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल का कहना है कि ओवैसी हमेशा धर्म की राजनीति करते हैं। अगर किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है तो कोई कारण रहा होगा। अगर एफआईआर गलत है तो कोर्ट के रास्ते खुले हुए हैं। अपनी बात वहां जाकर रखें कोर्ट उसे खारिज कर देगा। इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए।

Makarand Kale
मकरंद कालेauthor

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist हूं। कहते हैं ना कि अच्छे काम में पहले बहुत परेशानियां आती हैं। और बाद में उसी की आदत पड़ जाती है।

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