Bhilwara News: आयुष्मान योजना में घूसखोरी का भंडाफोड़, भीलवाड़ा में 11 लाख की रिश्वत लेते मेडिकल ऑफिसर रंगे हाथ गिरफ्तार

Bhilwara News: भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग में जमी घूसखोरी की जड़ों को उजागर कर दिया है। एसीबी भीलवाड़ा-द्वितीय की टीम ने सोमवार को केशव पोरवाल हॉस्पिटल (भीलवाड़ा) में पदस्थापित मेडिकल ऑफिसर डॉ. पंकज छीपा को 11 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई एसीबी मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर की गई। आरोपी डॉक्टर पर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के अंतर्गत बिलों में अनियमितताओं का भय दिखाकर निजी अस्पताल से मोटी रकम ऐंठने का गंभीर आरोप है।

Authored by: नितिन अरोड़ाUpdated Dec 17 2025, 17:33 IST
75 लाख के जुर्माने का डर दिखाकर सौदेबाजी01 / 06

75 लाख के जुर्माने का डर दिखाकर सौदेबाजी

एसीबी को दी गई शिकायत में परिवादी राजेश ने बताया कि सिद्धी विनायक हॉस्पिटल, भीलवाड़ा द्वारा आयुष्मान योजना के तहत उपचार के बाद जो बिल पोर्टल पर अपलोड किए गए थे, उनके भुगतान को लेकर डॉ. पंकज छीपा ने फोन कर दबाव बनाया।

आरोपी ने दावा किया कि बिलों में 'भारी अनियमितताएं' पाई गई हैं, जिसके चलते अस्पताल पर करीब 75 लाख रुपये का जुर्माना, योजना से डिपैनलमेंट और भुगतान रोकने की कार्रवाई प्रस्तावित है। इससे बचने के लिए आरोपी ने 'सेटेलमेंट' के नाम पर रिश्वत की मांग की।​02 / 06

आरोपी ने दावा किया कि बिलों में 'भारी अनियमितताएं' पाई गई हैं, जिसके चलते अस्पताल पर करीब 75 लाख रुपये का जुर्माना, योजना से डिपैनलमेंट और भुगतान रोकने की कार्रवाई प्रस्तावित है। इससे बचने के लिए आरोपी ने 'सेटेलमेंट' के नाम पर रिश्वत की मांग की।​

जयपुर में बैठे सीनियर अधिकारी का भी लिया नाम03 / 06

जयपुर में बैठे सीनियर अधिकारी का भी लिया नाम

परिवादी से मुलाकात के दौरान आरोपी डॉक्टर ने खुद को रसूखदार बताते हुए कहा कि जयपुर में बैठे अपने सीनियर डॉ. कुलदीप के साथ मिलकर पूरा मामला निपटा देगा। इसके एवज में पहले 14 लाख रुपये की मांग की गई, जो बाद में 11 लाख रुपये पर तय हुई।

एसीबी ने चली सटीक चाल04 / 06

एसीबी ने चली सटीक चाल

शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया। 15 दिसंबर 2025 को परिवादी को रिश्वत की रकम लेकर आरोपी के पास भेजा गया। आरोपी ने मौके पर 9.50 लाख रुपये डॉ. कुलदीप के लिए और 1.50 लाख रुपये अपने लिए मांगे। जैसे ही आरोपी ने 2 लाख रुपये असली नोट और 9 लाख रुपये डमी नोट स्वीकार किए, एसीबी टीम ने दबिश देकर उसे धर दबोचा।

पूछताछ जारी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस दर्ज05 / 06

पूछताछ जारी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस दर्ज

एसीबी महानिदेशक पुलिस गोविंद गुप्ता ने बताया कि यह कार्रवाई एसीबी अजमेर रेंज के पुलिस अधीक्षक श्री महावीर सिंह राणावत के सुपरवीजन में की गई। पुलिस निरीक्षक श्री नरपत सिंह चारण के नेतृत्व में टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच जारी है।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल06 / 06

स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल

यह मामला न केवल आयुष्मान योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस तरह गरीबों के इलाज से जुड़ी योजनाओं को कुछ लोग कमाई का जरिया बना रहे हैं। एसीबी की इस कार्रवाई को स्वास्थ्य तंत्र में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

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