Kidney Stone Causes in Hindi: किडनी में पथरी की परेशानी अब सिर्फ पुरुषों तक सीमित नहीं है। महिलाओं में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं। अक्सर लोग समझते हैं कि पथरी सिर्फ कम पानी पीने से होती है, लेकिन इसकी कई दूसरी वजहें भी हो सकती हैं। खास बात यह है कि पुरुषों और महिलाओं में पथरी बनने की प्रक्रिया तो लगभग एक जैसी होती है, लेकिन इसके जोखिम को बढ़ाने वाले कारण कुछ अलग हो सकते हैं। इस बारे में हमने दो नेफ्रोलॉजिस्ट से बात की और समझा कि आखिर किडनी में पथरी कैसे बनती है और क्या महिलाओं में हार्मोनल बदलाव भी इसकी वजह हो सकते हैं।
किडनी में पथरी कैसे बनती है (How Do Kidney Stones Form)
दिल्ली के सीके बिरला हॉस्पिटल के कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. विक्रम कालरा बताते हैं कि हमारे पेशाब में कई तरह के मिनरल्स और दूसरे पदार्थ मौजूद होते हैं। सामान्य स्थिति में ये पानी में घुले रहते हैं और पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकल जाते हैं। लेकिन जब इनकी मात्रा बहुत ज्यादा हो जाती है और इन्हें घोलने के लिए पर्याप्त पानी नहीं होता, तो ये छोटे-छोटे क्रिस्टल बनाने लगते हैं।
शुरुआत में ये क्रिस्टल इतने छोटे हो सकते हैं कि व्यक्ति को इनका पता भी नहीं चलता। समय के साथ ये एक-दूसरे से जुड़कर बड़े होने लगते हैं और पथरी का रूप ले लेते हैं।
डॉ. कालरा के अनुसार, पेशाब में कुछ ऐसे प्राकृतिक पदार्थ भी होते हैं, जो क्रिस्टल बनने से रोकते हैं। इनकी कमी होने पर भी पथरी बनने का खतरा बढ़ सकता है।
क्या पुरुषों और महिलाओं में अलग तरह से बनती है किडनी की पथरी
नेफ्रोप्लस के कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजी डॉ. जावेद ताहिर बताते हैं कि पुरुषों और महिलाओं में किडनी स्टोन बनने की मूल प्रक्रिया एक जैसी है। कैल्शियम, ऑक्सलेट और यूरिक एसिड जैसे पदार्थों का पेशाब में जरूरत से ज्यादा जमा होना पथरी बनने की वजह बन सकता है।
हालांकि, दोनों में पथरी होने की संभावना और इसके पीछे के जोखिम अलग हो सकते हैं।
पहले पुरुषों में किडनी स्टोन के मामले महिलाओं की तुलना में ज्यादा देखे जाते थे। इसके पीछे मेटाबॉलिज्म, पेशाब में मौजूद पदार्थों की मात्रा और लाइफस्टाइल से जुड़े अंतर हो सकते हैं। लेकिन अब महिलाओं में भी किडनी स्टोन के मामले बढ़ रहे हैं। इससे दोनों के बीच पहले दिखाई देने वाला अंतर कम हो रहा है।
यानी यह मानना सही नहीं है कि किडनी की पथरी पुरुषों की ही बीमारी है।
महिलाओं में किडनी स्टोन क्यों होता है (Kidney Stone Causes in Women)
महिलाओं में किडनी स्टोन के पीछे कुछ ऐसे कारण भी हो सकते हैं, जो उनके शरीर में होने वाले बदलावों से जुड़े हैं। डॉ. विक्रम कालरा के मुताबिक, प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर और पेशाब की बनावट में कई बदलाव होते हैं। कुछ महिलाओं में ये बदलाव पथरी से जुड़ी परेशानियों को प्रभावित कर सकते हैं।
डॉ. जावेद ताहिर बताते हैं कि हार्मोनल बदलाव, यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन यानी UTI और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी कुछ समस्याएं भी महिलाओं में पथरी के जोखिम से जुड़ी हो सकती हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर प्रेग्नेंट महिला को पथरी होने का खतरा ज्यादा ही होगा। गर्भावस्था में पथरी की समस्या होने पर जांच और इलाज का तरीका भी अलग हो सकता है। इसलिए इस दौरान कमर या पेट में तेज दर्द और पेशाब से जुड़ी परेशानी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
पुरुषों में किडनी स्टोन का खतरा क्यों ज्यादा रहा है
डॉ. ताहिर के अनुसार, पुरुषों में पथरी के ज्यादा मामले सामने आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें शरीर के मेटाबॉलिज्म, पेशाब में मौजूद मिनरल्स की मात्रा और खानपान की आदतों से जुड़े अंतर शामिल हैं। ज्यादा नमक खाना, पर्याप्त पानी नहीं पीना, मोटापा और कुछ मेटाबॉलिक समस्याएं पथरी बनने की संभावना बढ़ा सकती हैं।
हालांकि, ये जोखिम केवल पुरुषों तक सीमित नहीं हैं। महिलाओं में भी यही कारण पथरी बनने की वजह बन सकते हैं।
किडनी में पथरी होने के क्या लक्षण हैं (Kidney Stone Symptoms)
किडनी स्टोन की एक बड़ी परेशानी यह है कि शुरुआत में कई लोगों को इसका कोई लक्षण महसूस नहीं होता। डॉ. विक्रम कालरा बताते हैं कि पथरी के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि उसका आकार कितना है और वह किडनी या पेशाब के रास्ते में कहां मौजूद है।
वहीं डॉ. जावेद ताहिर के मुताबिक, पथरी होने पर कुछ लोगों में ये परेशानियां दिखाई दे सकती हैं -
- कमर या पेट के एक तरफ अचानक तेज दर्द होना।
- दर्द का पेट के निचले हिस्से या जांघ की ओर फैलना।
- पेशाब में खून दिखाई देना।
- जी मिचलाना या उल्टी होना।
- पेशाब करते समय दर्द या परेशानी होना।
- बार-बार पेशाब जाने की जरूरत महसूस होना।
हर मरीज में ये सभी लक्षण दिखाई दें, ऐसा जरूरी नहीं है। कई बार छोटी पथरी भी पेशाब की नली में फंसकर तेज दर्द पैदा कर सकती है।
क्या कम पानी पीने से किडनी में पथरी बनती है
दोनों विशेषज्ञ शरीर में पानी की कमी को किडनी स्टोन का एक महत्वपूर्ण कारण मानते हैं। जब व्यक्ति पर्याप्त पानी नहीं पीता, तो पेशाब ज्यादा गाढ़ा हो सकता है। ऐसे में उसमें मौजूद मिनरल्स के क्रिस्टल बनने की संभावना बढ़ जाती है।
यही वजह है कि गर्म मौसम, ज्यादा पसीना आने या लंबे समय तक पानी नहीं पीने की आदत पथरी का खतरा बढ़ा सकती है। इसके अलावा, परिवार में किसी को पहले पथरी होना, ज्यादा नमक खाना, मोटापा और कुछ बीमारियां भी जोखिम बढ़ा सकती हैं।
किडनी की पथरी से कैसे बचें (Kidney Stone Prevention Tips)
डॉ. कालरा और डॉ. ताहिर दोनों का कहना है कि पथरी से बचाव के लिए रोजमर्रा की कुछ आदतों पर ध्यान देना जरूरी है।सबसे पहले पर्याप्त पानी पिएं, ताकि पेशाब बहुत ज्यादा गाढ़ा न हो। आमतौर पर पथरी से बचाव के लिए इतना तरल लेने की सलाह दी जाती है कि दिनभर में लगभग 2 से 2.5 लीटर पेशाब बने। हालांकि, पानी की सही मात्रा व्यक्ति की सेहत, मौसम और शारीरिक गतिविधियों के अनुसार अलग हो सकती है।
इसके अलावा, खाने में नमक कम रखें और संतुलित डाइट लें। बिना डॉक्टर की सलाह के कैल्शियम को पूरी तरह बंद न करें, क्योंकि भोजन से मिलने वाला पर्याप्त कैल्शियम कुछ तरह की पथरी से बचाव में मदद कर सकता है।
अगर किसी को पहले भी किडनी स्टोन हो चुका है, तो उसके दोबारा बनने का खतरा रहता है। ऐसे लोगों को पथरी के प्रकार और जरूरत के अनुसार पेशाब तथा खून की जांच करवानी चाहिए।
किडनी स्टोन होने पर डॉक्टर के पास कब जाएं
डॉ. विक्रम कालरा बताते हैं कि किडनी स्टोन के साथ बुखार आना, तेज दर्द होना या पेशाब करने में परेशानी होना ऐसे संकेत हैं, जिन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए। खासकर पथरी के कारण पेशाब के रास्ते में रुकावट और साथ में इन्फेक्शन होना गंभीर स्थिति बन सकती है। ऐसे में तुरंत मेडिकल सहायता जरूरी है।
