Rajasthan UCC Implementation: राजस्थान में भजनलाल सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने की दिशा में अपने कदम तेजी से बढ़ा दिए हैं। जयपुर में एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सूबे के संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने साफ कर दिया कि राजस्थान को अब 'एक कानून, एक प्रदेश' की दिशा में ले जाया जाएगा। मंत्रियों ने कहा कि समाज में लैंगिक समानता लाने और सामाजिक असंतुलन को दूर करने के लिए यह कानून आज के समय की सबसे बड़ी मांग है।
सरकार (Bhajanlal Government UCC Committee) ने इस कानून का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए एक हाई-लेवल विशेषज्ञ कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी की कमान सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई को सौंपी गई है। कमेटी में सीनियर आईएएस शत्रुघ्न सिन्हा, बसंत छाबा, रामस्वरूप अग्रवाल और शुचि चौहान को सदस्य बनाया गया है, जबकि गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भी इसके हिस्से होंगे। सरकार ने इस संबंध में नीतिगत फैसला पिछले दिनों 14 अप्रैल 2026 को ही ले लिया था।
इस कानून से क्या बदलेगा?
मंत्रियों ने बताया कि इस नए कानून के लागू होने से राज्य में बहु-विवाह (एक से ज्यादा शादी) की प्रथा पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। पैतृक संपत्ति में बेटे और बेटी दोनों को बराबर का अधिकार मिलेगा। इसके अलावा, लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों के लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य किया जाएगा।
आदिवासियों को मिलेगी खास छूट
इस कानून की सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें राजस्थान के जनजातीय क्षेत्रों के पारंपरिक रीति-रिवाजों और संस्कृति का पूरा ख्याल रखा गया है। उन्हें विशेष संरक्षण देते हुए इस कानून के दायरे से बाहर रखा जाएगा।
मंत्रियों ने बताया कि उत्तराखंड और गुजरात की तर्ज पर राजस्थान में भी इसे लागू किया जा रहा है। कानून का प्रारूप तैयार करने के लिए एक आधिकारिक वेबसाइट भी बनाई जाएगी, जहां राज्य के सभी वर्गों के लोगों से राय और सहमति ली जाएगी। कमेटी की रिपोर्ट कैबिनेट में आने के बाद इसे विधानसभा से पारित कराकर अमलीजामा पहनाया जाएगा।
