Best Place to Celebrate Holi: रंगों का त्योहार होली बस कुछ ही दिन दूर है। सोमवार 25 मार्च को देश और दुनिया के कई देशों में लोग होली के रंगों से सराबोर होंगे। हालांकि, कई जगहों पर होली पहले ही शुरू हो चुकी है। लठमार होली, लड्डू होली, फूलों की होली ऐसी कई तरह की होली होती हैं, जो रंगों के उत्सव से 15-20 दिन पहले से शुरू हो जाती हैं। होली का त्योहार ही ऐसा है कि हर कोई फाग के रंग में रंग जाता है और झूम उठता है। अगर आप अपनी होली को खास बनाना चाहते हैं तो हम आपको बता रहे हैं कि होली के लिए भारत की बेस्ट जगहें कौन सी हैं। इन जगहों पर होली का रंग कुछ और ही होता है, जिसका अनुभव आपको यहां जाकर ही होगा।
वृंदावन की फूलों की होली (Vrindavan Holi Celebration)
बृज क्षेत्र की होली का कोई मुकाबला है ही नहीं। फिर बात हो राधा के हृदय स्वरूप वृंदावन की तो यहां की होली एकदम दिव्य होती है। यह वह वृंदावन है, जहां पर भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों संग जमकर होली खेली थी। यहां कि फूलों की होली बहुत मशहूर है। हर साल होली के अवसर पर लाखों लोग यहां आते हैं। फूलों की होली के अलावा, होली के दिन रंग की होली का मुख्य आकर्षण यहां बांके बिहारी का मंदिर होता है। यहीं पर शहर की मुख्य होली होती है।बरसाना की लठमार होली (Barsana Lathmar Holi Celebration)
बरसाना राधा रानी का जन्म स्थान है और यहां की लठमार होली के बारे में तो सभी जानते हैं। मथुरा के पास ही एक छोटा सा कस्बा है बरसाना, लेकिन यहां की होली देखने और उसका हिस्सा बनने के लिए हर साल लाखों लोग यहां आते हैं। लठमार होली में यहां के पुरुषों को महिलाएं छड़ी से मारती हैं। लठमार होली, रंगों के त्योहार से एक हफ्ते पहले ही शुरू हो जाती है। इसलिए अगर आप इसका हिस्सा बनना चाहते हैं या देखना चाहते हैं तो आज ही बरसाना की राह पकड़ें।
बरसाना की लठमार होली
मथुरा की होली और रासलीला (Mathura Holi Celebration)
बृज क्षेत्र की होली का तीसरा सबसे प्रमुख क्षेत्र है मथुरा। यहीं पर कंस की जेल में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। होली के समय मथुरा नगरी भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं होती। यहां पर होली का अजब रंग होता है। सुबह से ही भक्ति गीत, चैती गीत और राधा-कृष्ण के नाम की धूम सुनने को मिलती है। रंग-गुलाल उड़ता है और लोग यहां के द्वारकाधीश मंदिर से लेकर विश्राम घाट तक रंगों में रंगे होते हैं। गीत-संगीत के साथ यहां पर रासलीला और मटकी फोड़ आयोजन भी होता है।
मथुरा की होली
शांति निकेतन की होली (Shantiniketan Holi Festival Celebration)
यहां होली को बसंत उत्सव के नाम से मनाया जाता है और यह अपने आप में एक बहुत ही विशाल आयोजन होता है। पश्चिम बंगाल में कोलकाता के पास भोलपुर स्थित शांति निकेतन में बड़े ही सांस्कृतिक तरीके से होली का पर्व मनाया जाता है। यहां पर होली के त्योहार की शुरुआत नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रबिंद्रनाथ टैगौर ने अपने रबिंद्र भारती यूनिवर्सिटी से की थी।
शांति निकेतन की होली
आगरा की होली (Agra Holi Festival Celebration)
ब्रिज क्षेत्र में मौजूद आगरा यमुना नदी के जरिए वृंदावन से जुड़ा है। यहां भी होली का पर्व उसी हर्षोल्लास से मनाया जाता है, जैसा बरसाना, वृंदावन और मथुरा में मनाया जाता है। पर्यटक यहां ताजमहल देखने तो आते ही हैं, साथ ही होली के रंगों में सराबोर होने भी आते हैं। होली के अवसर पर यहां के स्वादिष्ट स्नैक्स और मिटाइयों के साथ ही ठंडाई भी लोगों को खासी भाती है और फिल्मी धुनों पर लोग खूब थिरकते हैं।उदयपुर होली उत्सव ( Udaipur Holi Utsav)
राजस्थान, राजे-रजवाड़ों की धरती है और उसमें उदयपुर की रॉयल्टी देखने लायक होती है। विशेषतौर पर यहां होली का पर्व बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है। यहां का रॉयल मेवाड़ परिवार धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ होलिका दहन करता है, इसे मेवाड़ होलिका दहन कहा जाता है। इसके बाद मनेक चॉक पर रॉयल फैमिली रंगों का उत्सव मनाती है। यहां पर पवित्र अग्नि के आसपास पारंपरिक नृत्य देखने को भी मिलता है।
उदयपुर की होली
