बेंगलुरू बारिश : उत्तर भारत में भले ही भीषण गर्मी पड़ रही हो, लेकिन दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मानसून (Monsoon) सक्रिय हो चुका है। दक्षिण भारत के राज्यों में कई जगह लगातार मूसलाधार बारिश (Heavy Rain) का दौर जारी है। जिस तरह से उत्तर भारत में लोग गर्मी से परेशान हैं, उसी तरह दक्षिण भारत में बारिश ने लोगों को परेशान किया हुआ है। आईटी सिटी बेंगलुरू में तो जून के महीने में एक दिन में बारिश का 133 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया है। बेंगलुरू में जून के महीने में बारिश का औसत 110.3 मिमी है, लेकिन पिछले दो दिन में ही यहां 140.7 मिमी बारिश हो चुकी है।
133 साल का रिकॉर्ड टूटने के संबंध में @Bnglrweatherman ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी है। बेंगलुरू में लगातार बिजली कड़कने की आवाजें आ रही हैं। कर्नाटक के तटीय इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) फैल चुका है और इससे यहां जमकर बादल बरस रहे हैं। राज्य की राजधानी बेंगलुरू में जिस तरह से पिछले दो दिन में बारिश हुई है, उससे यहां के लोग बहुत परेशान हैं।
इधर भारत मौसम विभाग (IMD) ने शहर के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी कर दिया है। IMD के अनुसार आज दिनभर आसमान में बादल छाए रहेंगे और दिन में एक-दो बार गरज से साथ बारिश हो सकती है। यहां पर पांच जून तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
बेंगलुरू में हफ्तेभर कैसा रहेगा मौसम
बेंगलुरू को सिलिकॉन वैली ऑफ इंडिया (Silicon Valley of India) कहा जाता है। भारत की इस सिलिकॉन वैली में 5 जून तक आसमान में बादल छाए रहने और कई दौर की बारिश का अनुमान है। इसके अलावा 8 और 9 जून को भी बारिश की संभावना है। यह भविष्यवाणी मौसम विभाग ने अपने साप्ताहिक फॉरकास्ट में की है।बारिश आई, ट्रैफिक जाम लाई
बेंगलुरू जैसे बड़े शहरों में बारिश आती है तो साथ में ट्रैफिक जाम की मुसीबत भी लेकर आती है। बारिश के कारण रविवार को शहर के कई हिस्सों में मेट्रो सेवाएं बाधित हुई, ट्रैफिक जाम की समस्या से भी लोग परेशान रहे। शहर के हेब्बल अंडरपास, केएफसी रोड से गुंजूर रोड, चिक्काजाला कोटे क्रॉस, बेन्निंगान्हाल्ली रेलवे ब्रिज और हेब्बल सर्कल पर भी ट्रैफिक जाम देखने को मिला।तीन दिन पहले आया मानसून
इस बार मानसून कर्नाटक में भी जल्दी पहुंच गया है। 30 मई को केरल पहुंचने सिर्फ तीन दिन बाद ही मानसून ने कर्नाटक के आसमान को भी घेर लिया है। मानसून की बारिश आने से जहां शहर में भीषण गर्मी से राहत मिली, वहीं जाम ने भी परेशान कर दिया। बता दें कि पछले साल कर्नाटक के लिए मानसून अच्छा नहीं रहा था। पिछले वर्ष राज्य की 236 में से 220 से ज्यादा तालुकाओं को सूखाग्रस्त घोषित किया गया था। इससे राज्य में फसलों को बड़ा नुकसान हुआ था। इसके बाद इस साल मार्च-अप्रैल में पड़ी भीषण गर्मी ने हालात और बिगाड़ दिए थे।मानसून के जल्दी कर्नाटक पहुंचने से लोगों ने राहत की सांस ली है और उम्मीद की जा रही है कि मानसून की यह बूंदें इस साल किसानों के चेहरे पर मुस्कान लेकर आएंगी।
