Muzaffarpur News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान तीसरे दिन भी जारी रहा। गुरुवार को साहेबगंज नगर परिषद में तैनात जूनियर इंजीनियर (जेई) अमन कुमार को 9,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) की टीम द्वारा की गई। बताया जा रहा है कि, साहेबगंज नगर परिषद के वार्ड संख्या–12 (ग्राम नाही) के निवासी राजकुमार तिवारी ने पटना स्थित विशेष निगरानी इकाई में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र में पेवर ब्लॉक बिछाने के कार्य के भुगतान और उससे जुड़ी कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बदले जूनियर इंजीनियर अमन कुमार द्वारा 9,000 रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत प्राप्त होने के बाद निगरानी विभाग ने मामले की गोपनीय जांच कराई। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर एक विशेष टीम गठित की गई। तय योजना के तहत जैसे ही अमन कुमार ने राजकुमार तिवारी से रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से तैयार निगरानी टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। टीम ने उनके कब्जे से रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली है। इस प्रकरण में विभाग ने कांड संख्या 07/2026 दर्ज किया है।
50 हजार रुपये की रिश्वत
बता दें कि, मुजफ्फरपुर में 17 से 19 फरवरी 2026 के दौरान भ्रष्टाचार के विरुद्ध निगरानी विभाग और स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने लगातार सख्त अभियान चलाया। इन तीन दिनों में विभिन्न विभागों से जुड़े अधिकारियों को घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। कार्रवाई की इस श्रृंखला ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। पहले, 17 फरवरी को स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने मुजफ्फरपुर में कार्रवाई करते हुए प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी हिमांशु कुमार और उनके चालक रामबाबू राय को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते समय रंगे हाथों दबोचा था। आरोप था कि एक खाद विक्रेता से लाइसेंस रद्द न करने और जांच की आड़ में अवैध राशि की मांग की जा रही थी।
सब-इंस्पेक्टर भी हुआ गिरफ्तार
इसके अगले दिन सदर थाना में तैनात सब-इंस्पेक्टर भास्कर कुमार मिश्रा को 15 हजार रुपये घूस लेते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने गिरफ्तार किया। इस घटना के बाद एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर दिया और अब साहेबगंज नगर परिषद के जूनियर इंजीनियर अमन कुमार की गिरफ्तारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में किसी भी स्तर के अधिकारी को राहत नहीं दी जाएगी। स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने बताया है आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई के लिए आरोपी को पटना लाया गया है जहां उसे निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। साथ ही आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को दें।
