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अनंत अंबानी पहुंचे तिरुपति, परंपरा के तहत कराया मुंडन; TTD को दान की 25 इलेक्ट्रिक बसें

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  • Updated Jun 30, 2026, 12:58 AM IST

अनंत अंबानी ने तिरुमला का दौरा किया है। अपनी तीर्थयात्रा के दौरान अनंत ने भगवान वेंकटेश्वर को अपने बाल अर्पित किए।

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अनंत अंबानी ने तिरुपति में दान किए बाल।

अनंत अंबानी अपनी धार्मिक आस्था को लेकर फिर से खबरों में हैं। वे रविवार को आंध्र प्रदेश के तिरुमला स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर पहुंचे। जहां भगवान तिरुमला के दर्शन पूजन किए। इसके बाद उन्होंने मंदिर की सदियों पुरानी परंपरा के तहत अपने बाल भगवान वेंकटेश्वर को अर्पित कर दिए। मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद वे मंदिर की गौशाला और हाथीशाला भी पहुंचे जहां उन्होंने हाथियों को भोजन भी खिलाया।

समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया कि दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर परिसर के रंगनायकुला मंडपम में वैदिक विद्वानों ने उन्हें वेद आशीर्वचनम् दिया। मंदिर प्रशासन ने उन्हें श्रीवारी तीर्थ प्रसाद प्रदान किया और पारंपरिक रेशमी शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

हर दिन हजारों श्रद्धालु करते हैं अपने बाल दान

तिरुमला में मुंडन की यह परंपरा श्रद्धालुओं के लिए अहंकार और सांसारिक मोह का त्याग कर भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक मानी जाती है। हर दिन हजारों श्रद्धालु अपनी आस्था और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए यहां मुंडन कराते हैं। अनंत अंबानी के लंबे बाल पिछले कुछ वर्षों में उनकी पहचान बन चुके थे। ऐसे में उनका मुंडन कराना भी श्रद्धालुओं और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

TTD को 25 इलेक्ट्रिक बसों की सौगात

मंदिर यात्रा के दौरान अनंत अंबानी ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को लगभग 27.5 करोड़ रुपये मूल्य की 25 इलेक्ट्रिक बसें दान करने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने 50 बस चालकों के वेतन और अन्य खर्चों को भी उठाने का एलान किया। इस दौरान उनकी कंपनी ने तिरुमला में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में भी सहयोग देने की इच्छा जताई है।

गोशाला के आधुनिकीकरण में भी करेंगे सहयोग

इस दौरान अनंत अंबानी ने टीटीडी की गोशाला के आधुनिकीकरण में भी मदद का भरोसा दिया। यह पहल रिलायंस समर्थित वनतारा परियोजना के अनुभव के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी, जो वन्यजीव और पशु संरक्षण के लिए जानी जाती है। अनंत अंबानी इससे पहले भी कई प्रमुख हिंदू तीर्थस्थलों के दर्शन कर चुके हैं। वह सार्वजनिक रूप से भगवान श्रीकृष्ण और श्रीनाथजी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते रहे हैं।
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