केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah कल यानी शुक्रवार 6 नवंबर को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून पहुंच रहे हैं। उनका यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा की संगठनात्मक और चुनावी तैयारियों का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। राज्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल को देखते हुए यह यात्रा और भी खास हो जाती है।
अमित शाह के दौरे के दौरान तीन प्रमुख कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। पहला, भाजपा की कोर कमेटी बैठक, जिसमें 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति, संगठनात्मक मजबूती और चुनावी बिसात पर चर्चा होने की संभावना है। दूसरा, पुलिस लाइन में उत्तराखंड पुलिस को प्रेसिडेंट्स पुलिस कलर प्रदान किया जाएगा। तीसरा, परेड ग्राउंड में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत जनसभा और पदयात्रा का आयोजन, जिसमें भाजपा का दावा है कि देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार से 25000 से ज्यादा कार्यकर्ता शामिल होंगे। कार्यक्रम के क्रम में बदलाव के अनुसार, शाह पहले जनसभा में शामिल होंगे और उसके बाद पुलिस लाइन का कार्यक्रम होगा।
क्यों खास है यह दौरा?
उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी दोनों प्रमुख दलों ने तेज कर दी है। भाजपा के लिए यह दौरा इसलिए अहम है, क्योंकि अमित शाह पार्टी के रणनीतिकार के रूप में राज्यों में चुनावी तैयारी का जायजा लेने और दिशा देने के लिए जाने जाते हैं। कोर कमेटी बैठक में 2027 में सत्ता बरकरार रखने की रणनीति पर फोकस होने की उम्मीद है। साथ ही, उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस कलर देना राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को मान्यता देने का प्रयास भी माना जा रहा है।
धामी सरकार और जनता के लिए किए गए काम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने कई ऐसे कदम उठाए हैं, जिन्हें पार्टी अपनी उपलब्धियों के रूप में पेश करती है। इनमें समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करना शामिल है, जिससे उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना, जिसने इसे लागू किया। इसके साथ ही सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, नकल विरोधी कानून और भूमि कानून में संशोधन जैसे कदम उठाए गए।
सरकार का दावा है कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए हजारों युवाओं को सरकारी नौकरियां मिलीं। महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में क्षैतिज आरक्षण, पर्यटन और चार धाम से जुड़ी आधारभूत संरचना का विकास, निवेश आकर्षित करने के प्रयास और आपदा प्रबंधन में किए गए काम भी गिनाए जाते हैं। हाल ही में एक राष्ट्रीय सर्वे में धामी को देश के दूसरे सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री का स्थान मिला है। आर्थिक मोर्चे पर भी राज्य की जीएसडीपी और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि का दावा किया जाता है।
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जनता की अपेक्षाएं
अमित शाह के दौरे और आगामी चुनावों के संदर्भ में आम जनता और राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर कई मुद्दों पर टिकी है। पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं, मानव-वन्यजीव संघर्ष, जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन की चुनौतियां, तथा युवाओं के लिए स्थायी रोजगार के अवसर प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। विपक्षी दल भी भूमि संबंधी मुद्दों, विकास कार्यों की गति और स्थानीय समस्याओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं।
भाजपा इस दौरे को अपनी तैयारियों को मजबूत करने और धामी सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का अवसर मान रही है। वहीं, विपक्ष इसे चुनावी माहौल को गरमाने की कोशिश के रूप में देख रहा है। कल का कार्यक्रम राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों लिहाज से राज्य की सियासत पर असर डालने वाला साबित हो सकता है।
