शहर

बीच सड़क पर अचानक बंद हो रहे ई-रिक्शे! बिजनौर से रामनगर तक सड़कों पर उतरे चालक, जानें क्या है पूरा मामला?

उत्तराखंड के रामनगर और उत्तर प्रदेश के बिजनौर में ई-रिक्शा चालकों ने आरोप लगाया है कि एक कथित मोबाइल ऐप के जरिए उनके वाहन बीच रास्ते में अचानक बंद किए जा रहे हैं। इससे उनकी रोजी-रोटी पर संकट गहरा गया है और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले को लेकर चालकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Image

बिजनौर में सड़क पर खड़े दिखे लॉक रिक्शे

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

BAT BMS App E-Rickshaw: उत्तराखंड के रामनगर और उत्तर प्रदेश के बिजनौर में ई-रिक्शा चालकों ने एक कथित मोबाइल ऐप के जरिए वाहनों को अचानक बंद किए जाने के आरोप लगाए हैं। चालकों का कहना है कि चलते-चलते ई-रिक्शा लॉक हो जाने से न केवल उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है। इस मामले को लेकर दोनों राज्यों में विरोध प्रदर्शन और पुलिस-प्रशासन से शिकायतें सामने आई हैं। रामनगर में गुरुवार को करीब 300 ई-रिक्शा चालकों ने अपने वाहन जीआईसी ग्राउंड में खड़े कर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद सभी चालक एकजुट होकर उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

कहीं भी अचानक रुक रहे हैं रिक्शे

चालकों का आरोप है कि एक कथित 'BAT' नामक ऐप के माध्यम से उनके ई-रिक्शों को कहीं भी अचानक रोक दिया जाता है। उनका कहना है कि कई बार वाहन में बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और मरीज भी सवार होते हैं। ऐसे में बीच रास्ते में वाहन बंद हो जाने से गंभीर खतरे की स्थिति बन जाती है। चालकों ने यह भी आरोप लगाया है कि वाहन बंद होने के बाद कुछ लोग उनसे संपर्क कर पैसे देने के बदले ई-रिक्शा दोबारा चालू करने की बात करते हैं। उनका दावा है कि यह एक संगठित तरीके से की जा रही अवैध वसूली का मामला है।

अब तक नहीं हुई कोई ठोस कार्रवाई

ई-रिक्शा चालकों ने बताया कि इस संबंध में पहले भी पुलिस को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐप के जरिए वाहनों को अनधिकृत रूप से नियंत्रित करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के किसी भी ई-रिक्शे को दूर से बंद न किया जा सके। इस मामले में उपजिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान ने कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बिजनौर में भी कुछ ऐसे ही हालात

वहीं, उत्तर प्रदेश के बिजनौर से भी इसी तरह की शिकायतें सामने आई हैं। नगीना थाना क्षेत्र के डबल फाटक इलाके में ई-रिक्शा चालकों का आरोप है कि किसी अज्ञात ऐप के जरिए उनके वाहन अचानक लॉक किए जा रहे हैं। पीड़ितों का दावा है कि अब तक करीब 80 ई-रिक्शे इस तरह प्रभावित हो चुके हैं, जिससे कई चालकों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। बिजनौर के पीड़ित ई-रिक्शा चालकों ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो उनकी रोजी-रोटी पर गंभीर असर पड़ सकता है। इस बीच सोशल मीडिया पर भी कथित तौर पर मोबाइल ऐप के जरिए ई-रिक्शे बंद किए जाने के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। हालांकि, इन मामलों में संबंधित ऐप या तकनीक के दुरुपयोग के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। प्रशासन और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटे हैं।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें