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छठ पर रेलवे का तोहफा, अहमदाबाद-झंझारपुर के बीच दौड़ेंगी स्पेशल ट्रेन; जानें क्या है रूट-टाइमिंग

दीपावली और छठ पूजा पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए पश्चिम रेलवे अहमदाबाद से बिहार के झंझारपुर के बीच अनारक्षित स्पेशल ट्रेन चलाएगा। ट्रेन 6 और 13 नवंबर को अहमदाबाद से रवाना होगी।

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ट्रेन (फाइल फोटो)

अहमदाबाद : दीपावली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए पश्चिम रेलवे ने अहमदाबाद और बिहार के झंझारपुर के बीच अनारक्षित साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। ट्रेन संख्या 09437/09438 कुल चार फेरे लगाएगी। यह ट्रेन 6 और 13 नवंबर को अहमदाबाद से रवाना होगी, जबकि वापसी में 8 और 15 नवंबर को झंझारपुर से चलेगी। ट्रेन में यात्रा के लिए विशेष किराया लागू होगा और इसके सभी कोच अनारक्षित रहेंगे।

अहमदाबाद से रात 11:55 बजे होगी रवाना

ट्रेन संख्या 09437 अहमदाबाद-झंझारपुर अनारक्षित स्पेशल 6 और 13 नवंबर 2026 को अहमदाबाद से रात 11:55 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन रविवार को दोपहर 3 बजे झंझारपुर पहुंचेगी।

वापसी में ट्रेन संख्या 09438 झंझारपुर-अहमदाबाद स्पेशल 8 और 15 नवंबर को झंझारपुर से शाम 5 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन मंगलवार सुबह 9:30 बजे अहमदाबाद पहुंचेगी।

गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार के इन स्टेशनों पर रुकेगी

दोनों दिशाओं में ट्रेन आणंद, छायापुरी, गोधरा, दाहोद, रतलाम, नागदा, उज्जैन, सीहोर, संत हिरदाराम नगर, विदिशा, बीना, दमोह, कटनी मुड़वारा, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर, आरा, दानापुर, पाटलिपुत्र, सोनपुर, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा और सकरी स्टेशनों पर ठहरेगी।

पूरी तरह अनारक्षित होगी ट्रेन

पश्चिम रेलवे के मुताबिक, यह ट्रेन विशेष किराये पर चलाई जाएगी और पूरी तरह अनारक्षित होगी। यात्री ट्रेन के ठहराव, समय और अन्य जानकारी के लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट "www.enquiry.indianrail.gov.in" (https://www.enquiry.indianrail.gov.in) पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

Dhruv Sanchania
ध्रुव संचानियाauthor

ध्रुव संचानिया गुजरात में टाइम्स नेटवर्क के सीनियर जर्नलिस्ट और ब्यूरो चीफ के पद पर कार्यरत हैं। ध्रुव ने प्रिंट, रेडियो, डिजिटल और टीवी पर शानदार काम किया है। क्राइम, इन्वेस्टिगेशन से लेकर इंसानी कहानियों तक में उनका काम गहराई से भरा होता है। जब वह हेडलाइन के पीछे नहीं भाग रहे होते तो वह सड़कों, सिनेमा और अगली छिपी हुई कहानी के पीछे भाग रहे होते हैं। उनका काम ऐसा है जो उन्हें अलग ला खड़ा करता है।

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