आगरा

Babar Toilet: बुलंदशहर के इस गांव में बाबर के नाम पर रखा शौचालय का नाम! प्रधान के इस काम की हो रही है सराहना

  • Written by: रामानुज सिंह
  • Updated Jul 16, 2023, 11:12 AM IST

Babar Toilet: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में खुर्जा तहसील के गांव देवराला ग्राम प्रधान मुनीश प्रताप सिंह ने सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया। जिसका नाम मुगल आक्रमणकारी बाबर के नाम पर रखा गया।

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बाबर के नाम पर शौचालय का नाम

Babar Toilet: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में खुर्जा तहसील के गांव देवराला में निर्मित शौचालय का नाम बावर के नाम पर रखा गया। प्रदेश में यह अपने तरह का नया मामला है। रिपोर्ट के मुताबिक ग्राम प्रधान मुनीश प्रताप सिंह ने इस सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया। आक्रमणकारी बाबर के नाम पर इस शौचालय का नाम रखा गया। यह शौचालय ग्राम पंचायत रामबास देवराला विकास खंड अरनिया में है। गांव में प्रधान मुनीश प्रताप सिंह के इस काम की सराहना हो रही है।

कौन था बाबर?

चंगेज खान का वंशज बाबर ने 1526 में भारत में मुगल साम्राज्य की स्थापना की थी। वह आक्रमणकारी था। पिता की मौत बाद बाबर ने मात्र 12 साल की उम्र में पिता की राजगद्दी संभाल ली। उसने तुर्किस्तान के फरगना प्रदेश को जीत कर उसके शासक बन गया। बचपन से ही बाबर बहुत महत्वाकांक्षी था। वह अपने लक्ष्य को हमेशा ध्यान में रखते था। तैमुर के राजा चुगताई तुर्क उनके पिता के वंशज थे। चंगेज खान उनकी माता की तरफ के वंशज थे।

1500 के आसपास तैमूरी राजवंश के बाबर ने उमैरिड्स साम्राज्य की स्थापना की थी। जब उसने दोआब पर कब्जा किया और खोरासन के पूर्वी क्षेत्र द्वारा सिंध के उपजाऊ इलाके और सिंधु नदी के निचले घाटी को नियंत्रित किया। 21 अप्रैल 1526 में बाबर ने दिल्ली के सुल्तानों में आखिरी सुलतान इब्राहिम शाह लोदी को पानीपत के पहली लड़ाई में हारकर मुगल साम्रज्य की स्थापना की थी। 1530 में बाबर का बेटा हुमायूं उत्तराधिकारी बना।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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