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Agra Water Tax: आगरा में जलकल विभाग देगा एक लाख बकाएदारों को नोटिस, होगी कनेक्शन काटने की कार्रवाई

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 15, 2023, 05:36 PM IST

Agra Water Tax: आगरा जलकल विभाग जल्द ही सीवर और वाटर टैक्स के बकाएदारों से टैक्स वसूली के लिए अभियान चलाने जा रहा है। विभाग अब बकाएदारों को फोन करेगा साथ ही मैसेज भी भेजे जाएंगे। जलकल विभाग ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है। आगरा में बकाएदारों की संख्या एक लाख के करीब है। इसके अलावा जलकल विभाग के पानी और सीवर के टैक्स को लेकर लोगों को अच्छी सुविधा देने जा रहा है।

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बकाएदारों के घर पहुंचेगा जलकल विभाग का फोन (प्रतीकात्मक तस्वीर)

KEY HIGHLIGHTS
  • आगरा में बकाएदारों के घर पहुंचेगा जलकल विभाग का फोन
  • एक लाख बकाएदारों को जलकल विभाग जारी करेगा नोटिस
  • विभाग ने जारी की कनेक्शन काटने की चेतावनी


Agra Water Tax: आगरा के जलकल विभाग ने बकाएदारों से टैक्स वसूली करने की तैयार कर ली है। विभाग बकाएदारों के फोन पर नोटिस भेजेगा। साथ ही बड़े बकाएदारों को फोन कर सूचित भी किए जाएगा। आगरा में बकाएदारों की संख्या एक लाख के आसपास है। दरअसल, जलकल विभाग के पानी और सीवर के टैक्स की बकाएदारी की जानकारी उपभोक्ताओं को अब घर बैठे ही मिलेगी। जलकल विभाग में टेलीकॉम की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। जलकल विभाग सीवर और पानी टैक्स के बकाएदारों को टैक्स वसूली के लिए इस बार फोन करेगा। ग्राहकों को बिल भी मोबाइल पर ही मिलेंगे। जलकल विभाग ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है।

जलकल विभाग के महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने बताया कि आम सुविधाओं को लेकर जलकल विभाग में व्यापक पैमाने पर तैयारियां हो रही हैं। टैक्स जमा कराने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था को भी कारगर बनाया जा रहा है। उपभोक्ता को बिल मोबाइल पर भेजने के साथ टेलीकालिंग की व्यवस्था को भी बेहतर किया जा रहा है।

पानी और सीवर कनेक्शन काटने की चेतावनी नोटिस भी जारी होंगे

कुलदीप सिंह ने अभी तक 95 हजार उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर सूचीबद्ध किए जा चुके हैं। इन सबी के पास टैक्स की जानकारी अब वॉइस कॉल और एसएमएस के जरिए पहुंचेगी। करीब 95 हजार संपत्तियों के डाटा का मिलान हो चुका है। अन्य के डाटा का मिलान कराया जा रहा है। पहले बड़े बकाएदारों को तलाश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बड़े बकाएदारों पर पानी और सीवर कनेक्शन काटने की चेतावनी नोटिस भी जारी किए जाएंगे। इससे बिलिंग सुविधा भी आसान होगी। उपभोक्ताओं को बकाया राशि और ऑनलाइन भुगतान आदि की जानकारी अब मोबाइल पर ही उपलब्ध होगी।

जलकल विभाग में हुए कई बदलाव

महाप्रबंधक कुलदीप सिंह के अनुसार, विभाग में कंप्यूटराइज्ड व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। कर्मचारियों की तरफ से हस्तलिखित नोटिस की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। अब कंप्यूटर से नोटिस तैयार किए जा रहे हैं। हर बकायेदार तक पहुंचने के लिए टेलीकॉम व्यवस्था लागू की जा रही है। बकायेदारों के मोबाइल नंबरों पर विभाग से वॉइस मैसेज और एसएमएस सेंड किए जा रहे हैं। नई व्यवस्था से विभाग लगभग एक लाख उपभोक्ताओं को उनकी प्रॉपर्टी पर लगे पानी और सीवर टैक्स की जानकारी पहुंचाएगा। मैसेज में भवन का कोड, पिन और बकाया राशि की जानकारी दी जाएगी। इस नई व्यवस्था की महाप्रबंधक खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं। साथ ही रैंडम कॉल कर फीडबैक भी ले रहे हैं।

नगर निगम से मैच हुई जलकल विभाग की 95 हजार प्रॉपर्टी

दरअसल जलकल विभाग पर अपने उपभोक्ताओं के फोन कॉन्टेक्ट उपलब्ध नहीं थे। महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने जलकल के उपभोक्ताओं की सम्पत्तियों का मिलान नगर निगम में दर्ज सम्पत्तियों से कराया। वहां प्रॉपर्टी के मालिकों के फोन कॉन्टेक्ट लिए और सूची तैयार कराई है। नगर निगम में करीब 3.11 लाख सम्पत्तियां दर्ज हैं, इनमें से जलकल विभाग अपनी करीब 95 हजार सम्पत्तियों के रिकॉर्ड मैच कर चुका है। इन सभी प्रॉपर्टी मालिकों के फोन कॉन्टेक्ट अब जलकल विभाग के पास भी उपलब्ध हो गए हैं।
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