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केदारनाथ हेली सेवाओं को लेकर सस्पेंस जारी, तीसरे फेज की बुकिंग का लोग कर रहे इंतजार

गौरीकुंड में हुए हेलीकॉप्टर हादसे के बाद केदारनाथ हेली सेवाओं पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद से हेली सेवाओं को लेकर अभी तक सस्पेंस बना हुआ है। यहां तीसरे फेज की बुकिंग की तिथियां अभी तक जारी नहीं की गई है।

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केदारनाथ हेली सेवाओं को लेकर सस्पेंस जारी

Photo : iStock

केदारनाथ हेलीकॉप्टर हादसे के बाद से हेली सेवाओं को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। केदारनाथ में हेली सेवाओं के तीसरे चरण की बुकिंग अब तक शुरू नहीं हो पाई है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण और आईआरसीटीसी की तरफ से इस बारे में अभी तक कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। बता दें कि दो मई को केदारनाथ के कपाट खुले थे और इसके साथ ही हेली सेवाएं भी शुरू कर दी गई थी। जानकारी के अनुसार, 22 जून तक की हेली सेवाएं पूरी तरह बुक हैं, लेकिन तीसरे फेज की हेली सेवाओं की बुकिंग की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हुई है और न ही इसको लेकर कोई डेट सामने आई है। हाल ही में केदारनाथ में हुए हेलीकॉप्टर हादसे के बाद हेली सेवाओं के तीसरे चरण की बुकिंग पर सस्पेंस अभी भी बरकरार है।

तीसरे चरण की बुकिंग को लेकर कोई जानकारी नहीं

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण और आईआरसीटीसी ने बुकिंग की लेटेस्ट तारीख जारी नहीं की है। 15 जून को हुए हादसे के बाद से हेलीकॉप्टर की बुकिंग पर सस्पेंस बना हुआ है।

15 जून को हुआ था गौरीकुंड में हेलीकॉप्टर क्रैश

15 जून को रुद्रप्रयाग के गौरीकुंड के पास जंगल के इलाके में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। केदारनाथ धाम से गुप्तकाशी जा रहे हेलीकॉप्टर में सवार सभी सात लोगों की इस हादसे में मौत हो गई थी। हादसे के बाद दुर्घटनास्थल पर पहुंची राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की एक टीम ने सभी सातों शवों को बरामद किया था। इस बचाव अभियान में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और स्थानीय पुलिस भी शामिल थी। बचाव दल के अनुसार, टक्कर के बाद हेलीकॉप्टर आग से पूरी तरह नष्ट हो गया था।

इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों की पहचान जयपुर के पायलट कैप्टन राजबीर सिंह चौहान, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के कर्मचारी विक्रम रावत, उत्तर प्रदेश के तीर्थयात्री विनोद देवी और उनकी पोती तृष्टि सिंह तथा महाराष्ट्र के तीन लोगों के परिवार राजकुमार जायसवाल, उनकी पत्नी श्रद्धा जायसवाल और उनकी बेटी काशी जायसवाल के रूप में हुई थी। एविएशन एक्सपर्ट डॉ. सुभाष गोयल के अनुसार, उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग के गौरीकुंड इलाके में हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह खराब मौसम था। इसमें पायलट या हेलीकॉप्टर की कोई खामी नहीं दिखती है।

(इनपुट - आईएएनएस)

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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