दिल्ली पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। नॉर्थ-वेस्ट जिले की AATS टीम ने कुख्यात अपराधी जितेंद्र उर्फ जीतू की करीब 5 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति को फ्रीज कर दिया है। आरोपी को पहले ही भारत नगर थाने द्वारा “बैड कैरेक्टर (BC)” घोषित किया जा चुका है। यह पूरी कार्रवाई डीसीपी नॉर्थ-वेस्ट आकांशा यादव के नेतृत्व में की गई, जिनके निर्देशन में पुलिस टीम लगातार संगठित अपराध के नेटवर्क को तोड़ने में जुटी हुई है।
पुलिस के मुताबिक, जितेंद्र उर्फ जीतू लंबे समय से अवैध जुए के धंधे से जुड़ा हुआ था और उसने इसी से करोड़ों की संपत्ति खड़ी की थी। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी एक संगठित नेटवर्क चलाता था, जिसमें कई लोग शामिल थे और इससे मोटी कमाई की जा रही थी। इस मामले में पुलिस ने कुल 10 अचल संपत्तियों, दो लग्जरी गाड़ियों और कई बैंक खातों को चिन्हित किया। जब इनकी जांच की गई तो पाया गया कि ये संपत्तियां अवैध कमाई से खरीदी गई हैं। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर इन्हें फ्रीज कर दिया गया। जिन गाड़ियों को जब्त किया गया है, उनमें टोयोटा फॉर्च्यूनर और महिंद्रा थार जैसी महंगी गाड़ियां शामिल हैं।
जांच के दौरान आरोपी और उसकी पत्नी ज्योति को कोर्ट में अपनी संपत्ति के वैध दस्तावेज पेश करने के लिए कहा गया था, लेकिन वे ऐसा करने में नाकाम रहे। इसके बाद कोर्ट ने इन सभी संपत्तियों को फ्रीज करने का आदेश जारी कर दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बिना कोर्ट की अनुमति के इन संपत्तियों की खरीद-फरोख्त नहीं की जा सकती। पुलिस ने बताया कि जितेंद्र के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और जुआ एक्ट समेत करीब 15 गंभीर मामले दर्ज हैं। वह साल 2004 से अपराध की दुनिया में सक्रिय है और इलाके में दहशत फैलाने के लिए भी जाना जाता है।
जांच में यह भी सामने आया है कि उसकी पत्नी ज्योति ने अवैध कमाई को वैध दिखाने में अहम भूमिका निभाई। उसने कई संपत्तियां अपने नाम पर लेकर इस पैसे को छिपाने की कोशिश की। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद सिर्फ अपराधियों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि उनकी अवैध कमाई को भी खत्म करना है, ताकि संगठित अपराध की जड़ पर चोट की जा सके। पुलिस आगे भी ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।
