शहर

MP : बाढ़ में बह गया था पुल...भटके रास्ता और नदी में समाई बाइक; 3 युवकों की मौत

मध्यप्रदेश के दमोह जिले में क्षतिग्रस्त पुल से मोटरसाइकिल के फिसलकर नदी में गिर जाने से तीन युवकों की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, युवक ’शॉर्टकट’ लेने के प्रयास में रास्ता भटक गए।

Image

(सांकेतिक फोटो-Istock)

दमोह : मध्य प्रदेश से एक बड़ी लापरवाही के कारण तीन लड़कों की मौत हो गई। दरअसल जिले में बारिश के दिनों में बाढ़ आने से क्षतिग्रस्त हुए पुल से मोटरसाइकिल के फिसलकर नदी में गिरने से तीन युवकों की जान चली गई। पुलिस ने बताया कि मृतक सभी तीन युवक 20-25 वर्ष आयु वर्ग के थे और एक मित्र की शादी में शामिल होने जा रहे थे। यह हादसा शुक्रवार रात करीब 11 बजे तेन्दूखेड़ा ब्लॉक मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर सागर रोड पर हुआ। फिलहाल, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

युवक रास्ता भटक गए - एसडीओपी

उपमंडलीय पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) अर्चना अहिर ने बताया कि युवक रास्ता भटक गए और पुल के उस हिस्से पर पहुंच गए, जो पिछले वर्ष आई बाढ़ में आंशिक रूप से बह गया था। इसी दौरान मोटरसाइकिल चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और मोटरसाइकिल ब्यरमा नदी में जा गिरी।

इनकी हुई मौत

मृतकों की पहचान सागर जिले के अजय घोसी, अमित कुर्मी और पवन कुर्मी के रूप में हुई है। वे सभी तेन्दूखेड़ा में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। अहिर ने बताया कि 30 जुलाई को आई बाढ़ में पुल बह जाने के बाद इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया था और लोगों को करीब 20 किलोमीटर का चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा था। युवक ’शॉर्टकट’ लेने के प्रयास में रास्ता भटक गए।

पूर्व मंत्री और रेहली विधायक गोपाल भार्गव ने जताया शोक

उन्होंने बताया कि युवकों के पीछे दूसरी मोटरसाइकिल पर आ रहे परिजनों ने तेन्दूखेड़ा थाना पुलिस को इस घटना की सूचना दी। इसके बाद 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और तीनों को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना पर पूर्व मंत्री और रेहली विधायक गोपाल भार्गव ने शोक व्यक्त किया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article