मथुरा में गौ रक्षक चंद्रशेखर दास उर्फ 'फरसा वाले बाबा'की मौत के मचे भारी बवाल के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। यहां बीते दिन फरसा बाबा के समर्थकों ने दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया था। इतना ही नहीं बड़े पैमाने पर उन्होंने हिंसक गतिविधियां भी की। इस मामले में लिप्त होने के आरोप में उन्नीस लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
ये गिरफ्तारियां कोसी कलां क्षेत्र के पास तड़के हुई एक घटना में फरसा बाबा की मौत के एक दिन बाद हुई हैं। बाबा की मौत के बाद उनके अनुयायी उग्र हो गए थे और उन्होंने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया और थाने का घेराव किया। इतना ही नहीं उन्होंने हाईवे भी जाम कर दिया। ये घटना तब हुऊ जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मथुरा जिले के दौरे पर थीं।
पुलिस पर की पत्थरबाजी
अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने न केवल सड़क जाम कर दी जिससे कई किलोमीटर तक यातायात बाधित हो गया, बल्कि पुलिस द्वारा रास्ता खाली कराने के प्रयास में उन्होंने पथराव भी किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हिंसा के दौरान पुलिस चौकी और कई सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
इन धाराओं में दर्ज हुई एफआईआर
कोसी कलां पुलिस स्टेशन में दक्ष चौधरी और उसके साथियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने गाजियाबाद निवासी दक्ष चौधरी को आपराधिक इतिहास का आरोपी बताया है और कहा है कि वह तोड़फोड़, लूटपाट और वाहनों पर हमले जैसी घटनाओं में कथित तौर पर शामिल रहा है। उसके खिलाफ दर्ज मामलों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
टक्कर मारने वाले ट्रक चालक के खिलाफ भी मामला दर्ज
पुलिस ने राजस्थान में पंजीकृत उस ट्रक के चालक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है, जिसने कथित तौर पर चंद्रशेखर को टक्कर मारी थी। अधिकारियों का कहना है कि यह मौत एक दुर्घटना थी,जो खराब दृश्यता के दौरान दो ट्रक टकराने के कारण हुई। हालांकि,चंद्रशेखर के अनुयायियों ने इस दावे का खंडन करते हुए मवेशी तस्करों की संलिप्तता का आरोप लगाया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि शनिवार को हिरासत में लिए गए लोगों को रविवार को चिकित्सा परीक्षण के बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों में मृतक के करीबी सहयोगी,जिनमें भूरा,दक्ष चौधरी और उसके साथी शामिल हैं।
फरसा बाबा की स्मृति में जनोख गांव में बनाया जाएगा स्मारक
पुलिस ने आगे कहा कि मृतक के अनुयायियों की मांग के बाद, शनिवार को अधिकारियों की उपस्थिति में बिना पोस्टमार्टम के अंतिम संस्कार संपन्न किया गया। जिला मजिस्ट्रेट चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि चंद्रशेखर की स्मृति में अजनोख गांव की गौशाला में एक स्मारक का निर्माण किया जाएगा और सुरक्षा के लिए वहां एक पुलिस चौकी भी स्थापित की जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन अस्थायी रूप से आश्रय स्थल पर लगभग 400 गायों के रखरखाव की जिम्मेदारी लेगा और स्थानीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
