Wipro Q2 Results: देश की प्रमुख आईटी कंपनी विप्रो (Wipro) ने वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे पेश कर दिए हैं। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में कंपनी का प्रॉफिट 2,667.3 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट 2,649.1 करोड़ रुपये रहा था। यानी साल दर साल आधार पर इसके प्रॉफिट में मात्र 0.7 फीसदी का इजाफा हुआ। ये अपनी 5 सब्सिडियरी कंपनियों का खुद में विलय करेगी।
कितनी रही इनकम
विप्रो ने कहा कि जुलाई-सितंबर अवधि में इसकी इनकम 0.10 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ 22,515.9 करोड़ रुपये पर आ गई। पिछले साल की समान तिमाही में इसकी इनकम 22,539.7 करोड़ रुपये रही थी।
विप्रो ने 5 यूनिट्स के अपने साथ विलय को मंजूरी दी
- विप्रो एचआर सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
- विप्रो ओवरसीज आईटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड
- विप्रो टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (जिसे पहले एनकोर थीम टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के नाम से जाना जाता था)
- विप्रो ट्रेडमार्क होल्डिंग लिमिटेड
- विप्रो वीएलएसआई डिजाइन सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
आगे निगेटिव ग्रोथ का अनुमान
विप्रो ने तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में आईटी सेवाओं के रेवेन्यू में -3.5% से -1.5% की वृद्धि (निगेटिव) का अनुमान लगाया है। विप्रो की आईटी सर्विस इनकम 271.33 करोड़ रु रही। इसमें तिमाही दर तिमाही आधार पर 2.3 फीसदी की गिरावट आई।
इसकी लार्ज डील बुकिंग साल दर साल आधार पर 79 फीसदी बढ़कर 10823 करोड़ रु की रही। तिमाही दर तिमाही आधार पर इसमें 6 फीसदी का इजाफा हुआ।
विप्रो के लिए पॉजिटिव पहलू
विप्रो के सीईओ और एमडी थिएरी डेलापोर्टे के अनुसार अनिश्चित मैक्रो माहौल के बावजूद हम बाजार में कामयाबी हासिल कर रहे हैं। हमने दूसरी तिमाही में 100 मिलियन डॉलर से ऊपर के 22 अकाउंट जोड़े, जो FY21 की संख्या से दोगुना है। हमारी बड़ी डील की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू 1.3 बिलियन डॉलर पर पहुंच गई, जो पिछली नौ तिमाहियों में सबसे अधिक है।
