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रबी फसलों के लिए MSP में बढ़ोतरी, सरकार ने 7% तक किया इजाफा, किसानों को मिलेगी राहत

MSP For Rabi Crop: सरकार ने बुधवार को मार्केटिंग सीजन 2024-25 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य या एमएसपी (MSP) 150 रुपये बढ़ाकर 2,275 रुपये प्रति क्विंटल करने की घोषणा की।

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रबी फसल के लिए एमएसपी बढ़ा

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  • रबी फसलों का एमएसपी बढ़ा
  • 7 फीसदी तक इजाफा
  • गेहूं के एमएसपी में 150 रु की बढ़ोतरी

MSP For Rabi Crop: सरकार ने बुधवार को मार्केटिंग सीजन 2024-25 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य या एमएसपी (MSP) 150 रुपये बढ़ाकर 2,275 रुपये प्रति क्विंटल करने की घोषणा की। प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने यह कदम उठाया है। साल 2014 में सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) की अगुवाई वाली सरकार द्वारा एमएसपी में की गई यह सबसे बड़ी वृद्धि है। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में गेहूं का एमएसपी बढ़ाने का फैसला किया गया।

रबी फसलों का एमएसपी बढ़ाया गया

विपणन सत्र 2023-24 (अप्रैल-मार्च) के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,125 रुपये प्रति क्विंटल है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने सीसीईए की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि मंत्रिमंडल ने 2024-25 सत्र के लिए रबी की सभी फसलों का एमएसपी बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इनमें गेहूं के अलावा जौ, मसूर, रेपसीड सरसों, कुसुम और चना शामिल है। इनके एमएसपी में 2-7% इजाफा किया गया है।

2023-24 के मुकाबले 2024-25 में कितना बढ़ा एमएसपी

  • गेहूं : 2,125 रु से बढ़ाकर 2,275 रु
  • जौ : 1735 रु से बढ़ाकर 1850 रु
  • चना : 5335 रु से बढ़ाकर 5440 रु
  • मसूर : 6000 रु से बढ़ाकर 6425 रु
  • सरसों : 5450 रु से बढ़ाकर 5650 रु
  • कुसुम : 5650 रु से बढ़ाकर 5800 रु

क्या होती है रबी फसल

ठाकुर के अनुलार कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिश के आधार पर हमने छह रबी फसलों के एमएसपी में वृद्धि की है। गेहूं का एमएसपी 150 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा गेहूं का समर्थन मूल्य 2024-25 विपणन सत्र के लिए 2,275 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो 2023-24 में 2,125 रुपये प्रति क्विंटल था।

गेहूं रबी (सर्दियों) की मुख्य फसल है, जिसकी बुवाई अक्टूबर में शुरू होती है, जबकि कटाई अप्रैल में होती है। एमएसपी किसानों के हितों की रक्षा के लिए सुनिश्चित की गई न्यूनतम दर है, जिससे नीचे सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा अनाज नहीं खरीदा जाता है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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