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Wipro के शेयरहोल्डर्स की लगी लॉटरी! फेसवैल्यू से 125 गुना ज्यादा भाव पर 600,000,000 शेयर खरीदेगी कंपनी

Wipro ने बड़े शेयर बायबैक का ऐलान किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-27 की चौथी तिमाही में ₹1.21 लाख करोड़ का नेट प्रॉफिट रिपोर्ट किया है। साथ ही 60 करोड़ शेयर के बायबैक का ऐलान किया है।

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फेसवैल्यू से 125 गुना ज्यादा है कीमत

Wipro Buyback 2026: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Wipro ने निवेशकों को बड़ा तोहफा दिया है। कंपनी ने अपने शेयर वापस खरीदने यानी बायबैक का ऐलान किया है। खास बात यह है कि बायबैक प्राइस बाजार भाव से ऊपर रखा गया है, जिससे निवेशकों में जबरदस्त हलचल है। Wipro ने 16 अप्रैल 2026 को बोर्ड मीटिंग में बायबैक प्रस्ताव को मंजूरी दी है। कंपनी ₹250 प्रति शेयर के भाव पर अपने शेयर वापस खरीदेगी। यह बायबैक टेंडर ऑफर के जरिए होगा और कंपनी करीब 60 करोड़ (600 मिलियन) शेयर खरीदने की योजना बना रही है, जो कुल इक्विटी का लगभग 5.7% है।

मार्केट रेट से कितना ऊपर है ऑफर

बायबैक का सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि कंपनी बाजार भाव से कितना प्रीमियम दे रही है। हाल के ट्रेडिंग रेंज को देखें तो Wipro का शेयर ₹220-₹235 के आसपास कारोबार कर रहा है। गुरुवार को Wipro Share Price ₹210 पर बंद हुआ है। ऐसे में ₹250 का बायबैक प्राइस निवेशकों को 19% तक का प्रीमियम देता दिख रहा है। यही वजह है कि शॉर्ट टर्म निवेशकों के लिए यह एक आकर्षक मौका बन सकता है। वहीं, फेसवैल्यू के हिसाब से देखें, तो कंपनी 2 रुपये की फेसवैल्यू के शेयर को यानी 125 गुना ज्यादा कीमत पर खरीदेगी।

₹15,000 करोड़ तक खर्च करेगी कंपनी

Wipro इस बायबैक पर ₹15,000 करोड़ तक खर्च कर सकती है, जो कंपनी की मजबूत कैश पोजिशन को दर्शाता है। यह कदम आमतौर पर तब उठाया जाता है जब कंपनी को लगता है कि उसका शेयर अंडरवैल्यूड है या वह निवेशकों को रिटर्न देना चाहती है।

निवेशकों के लिए क्या है रणनीति

बायबैक में भाग लेने के लिए निवेशकों को रिकॉर्ड डेट तक शेयर होल्ड करना जरूरी होगा। टेंडर ऑफर में सभी शेयर स्वीकार नहीं होते, इसलिए अलॉटमेंट रेश्यो भी अहम फैक्टर रहता है। ऐसे में केवल प्रीमियम देखकर एंट्री लेने के बजाय निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि उन्हें कितने शेयर वास्तव में स्वीकार हो सकते हैं और उसके बाद बचे शेयर का क्या होगा। Wipro का यह बायबैक साफ संकेत देता है कि कंपनी के पास मजबूत कैश फ्लो है और वह शेयरहोल्डर्स को वैल्यू लौटाना चाहती है। हालांकि आईटी सेक्टर में सुस्ती के बीच यह कदम बाजार को भरोसा देने की कोशिश भी माना जा रहा है।

कैसे रहे नतीजे?

Wipro Limited के FY26 नतीजे कुल मिलाकर मिलेजुले रहे, जहां कंपनी ने मुनाफे में मजबूती दिखाई लेकिन रेवेन्यू ग्रोथ सीमित रही। पूरे साल में नेट प्रॉफिट बढ़कर करीब ₹1.21 लाख करोड़ (₹121,296 मिलियन) हो गया, जबकि रेवेन्यू ₹7.13 लाख करोड़ (₹713,451 मिलियन) पर पहुंचा, जो हल्की बढ़त दर्शाता है। कंपनी ने लागत नियंत्रण और बेहतर मार्जिन के दम पर प्रॉफिट बढ़ाया, लेकिन आईटी सेक्टर में कमजोर डिमांड का असर टॉपलाइन पर साफ दिखा, जिससे ग्रोथ की रफ्तार दबाव में रही।

डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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