बिजनेस

वेनेजुएला पर हमले से बढ़ी ग्लोबल टेंशन, सोना-चांदी, कच्चे तेल से लेकर शेयर बाजार तक हिलेगा बाजार?

अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर किए गए हमले के बाद दुनिया भर के बाजारों में बेचैनी बढ़ गई है। भू-राजनीतिक तनाव का असर सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सीधा प्रभाव सोना-चांदी, कच्चे तेल और शेयर बाजारों पर भी पड़ता है। ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या यह टकराव बाजारों में बड़ी उथल-पुथल की वजह बनेगा और भारत पर इसका कितना असर देखने को मिलेगा।

Venezuela Crude Oil

Venezuela Crude Oil

अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर किए गए हमले ने एक बार फिर दुनिया भर के बाजारों में बेचैनी बढ़ा दी है। नए साल की शुरुआत में ही जब यह खबर सामने आई, तो निवेशकों के मन में कई सवाल उठने लगे। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस तनाव का असर सोना, चांदी, कच्चे तेल और भारतीय शेयर बाजार पर पड़ेगा? इतिहास गवाह है कि जब भी दुनिया में युद्ध या भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो बाजारों की चाल बदल जाती है। तो आइए आपको बताते हैं वेनेजुएला पर हमले का इन चीजों पर क्या असर पड़ेगा?

सोने-चांदी पर असर

सबसे पहले बात करते हैं सोने और चांदी की। दुनिया में जब भी अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश की ओर भागते हैं। सोना और चांदी को सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। वेनेजुएला पर हमले के बाद भी यही रुझान देखने को मिल सकता है। ऐसे हालात में सोने और चांदी की मांग बढ़ती है, जिससे इनके दाम ऊपर जा सकते हैं। खासतौर पर छोटे निवेशक और बड़े फंड हाउस जोखिम से बचने के लिए बुलियन की ओर रुख करते हैं।

कच्चे तेल की कीमतों पर असर

अब नजर डालते हैं कच्चे तेल पर। वेनेजुएला दुनिया के बड़े तेल भंडार वाले देशों में गिना जाता है। हालांकि उसका मौजूदा उत्पादन पहले जैसा नहीं है, फिर भी किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई तेल सप्लाई को लेकर डर पैदा करती है। अगर संघर्ष लंबा चला या तेल से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा, तो कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है। तेल महंगा होने का सीधा असर दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ता है, खासकर उन देशों पर जो तेल आयात पर निर्भर हैं।

भारत भी अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की कीमत बढ़ने से भारत में महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते हैं, ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की चीजों की लागत बढ़ सकती है। यही वजह है कि तेल से जुड़ी वैश्विक घटनाओं पर भारतीय बाजार खास नजर रखता है।

शेयर बाजार पर असर

अब सवाल आता है भारतीय शेयर बाजार का। किसी भी अंतरराष्ट्रीय तनाव का सीधा असर सबसे पहले सेंटीमेंट पर पड़ता है। ऐसी खबरों के बाद बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। निवेशक सतर्क हो जाते हैं और कई बार मुनाफावसूली भी करते हैं। हालांकि यह जरूरी नहीं कि हर बार बड़ी गिरावट ही आए। अगर तनाव सीमित रहता है और हालात जल्दी संभल जाते हैं, तो बाजार कुछ समय बाद स्थिर हो सकता है।

कुछ सेक्टर ऐसे होते हैं जो ऐसे हालात में दबाव में आ सकते हैं। जैसे कि एविएशन, पेंट, केमिकल और ऑटो सेक्टर, क्योंकि इनका खर्च तेल से जुड़ा होता है। वहीं दूसरी तरफ, ऑयल प्रोड्यूसिंग कंपनियां, डिफेंस सेक्टर और गोल्ड से जुड़े शेयरों को फायदा मिल सकता है। यानी असर हर सेक्टर पर अलग-अलग होता है।

चांदी की बात करें तो यह सिर्फ सुरक्षित निवेश ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्रियल मेटल भी है। अगर वैश्विक अनिश्चितता लंबे समय तक बनी रहती है, तो चांदी की कीमतों में भी मजबूती आ सकती है। हालांकि इसमें उतार-चढ़ाव सोने के मुकाबले ज्यादा रहता है।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। बिज़नेस (Business News) अपडेट और आज का सोने का भाव (Gold Rate Today), आज की चांदी का रेट (Silver Rate Today) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।

रिचा त्रिपाठी
रिचा त्रिपाठी author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

End of Article